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Education Minister Pradhan assured on the new UGC rules, saying, 'There will be no discrimination against anyone'
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यूजीसी के नए विनियमन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति के साथ उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न तो इस नियम का दुरुपयोग करने की अनुमति दी जाएगी और न ही किसी को भेदभाव के नाम पर परेशान किया जाएगा।
राजस्थान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री प्रधान ने कहा कि चाहे यूजीसी हो, केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, सभी की जिम्मेदारी है कि नियमों का पालन संविधान के दायरे में रहकर किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पूरा मामला संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर ही रहेगा। इसके बाद उन्होंने अपना बयान सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया।
उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए यह नया विनियमन 13 जनवरी को जारी किया था। मंत्रालय से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री का यह आश्वासन रेगुलेशन के बिंदु 3 (सी) पर आधारित है, जिसमें भेदभाव की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है। इसके तहत किसी भी वर्ग का व्यक्ति, जिसमें सामान्य वर्ग भी शामिल है, अपने साथ हुए कथित भेदभाव की शिकायत दर्ज करा सकता है।
यूपी में बढ़ा विरोध, सिटी मजिस्ट्रेट निलंबित
यूजीसी के नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश में विरोध तेज हो गया है। बरेली में नियमों के विरोध में त्यागपत्र देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें शामली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से अटैच किया गया है।
दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
इधर, दिल्ली स्थित यूजीसी मुख्यालय के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। वहीं हापुड़ के बक्सर क्षेत्र में भाजपा के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने की भी खबर सामने आई है।