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FIR against three steel company officials for allegedly framing Traffic DSP in a false case.
भिलाई। ट्रैफिक डीएसपी विशाल सोम को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश के आरोप में एस-स्क्वेयर आयरोमैक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। डीएसपी की शिकायत पर कोर्ट ने सुपेला थाना प्रभारी को मामले में अपराध दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने कंपनी के अधिकृत अधिकारी सतनाम सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर विभूति भूषण बाबू और श्रीराम गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया।
डीएसपी की ओर से अधिवक्ता विनोद दूबे ने बताया कि पूरा विवाद एक स्कॉर्पियो-एन वाहन को लेकर है। वर्ष 2022 में कंपनी की तत्कालीन डायरेक्टर के पीए और कोरबा निवासी अंकित सिंह ने डीएसपी से जुड़े मामले में 25 लाख रुपये दिए थे। इसके बदले कंपनी के नाम पर वाहन फाइनेंस कराकर अंकित सिंह को स्कॉर्पियो-एन उपलब्ध कराई गई थी।
करीब एक वर्ष बाद अंकित ने उक्त वाहन बेच दिया और उससे प्राप्त राशि कंपनी को दे दी। इसके बाद कंपनी ने दूसरी स्कॉर्पियो-एन खरीदकर उपलब्ध कराई, जिसका इस्तेमाल अंकित सिंह कर रहे हैं।
मामले में कंपनी के अधिकृत अधिकारी सतनाम सिंह ने 13 अक्टूबर 2025 को जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित स्कॉर्पियो-एन डीएसपी विशाल सोम के पास है और उसे वापस नहीं किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और डीएसपी विशाल सोम का बयान भी दर्ज किया।
पुलिस जांच के दौरान अंकित सिंह ने वाहन अपने पास होने का शपथ पत्र दिया। जांच में कंपनी और अंकित सिंह के बीच लेनदेन से संबंधित विवाद सामने आया। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे डीएसपी विशाल सोम के खिलाफ किसी अपराध का मामला बनता हो।
डीएसपी की शिकायत और कोर्ट के निर्देश के बाद सुपेला पुलिस ने कंपनी से जुड़े सतनाम सिंह, विभूति भूषण बाबू और श्रीराम गुप्ता के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, वाहन से जुड़े दस्तावेजों और कंपनी व संबंधित पक्षों के बीच हुए लेनदेन की जांच करेगी।
मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि डीएसपी को कथित रूप से बदनाम करने या झूठे मामले में फंसाने के आरोपों में आगे क्या कार्रवाई होती है।