

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Fake SIM racket busted in Bhopal: 246 SIMs activated with a single face, two accused arrested
भोपाल। राजधानी भोपाल में साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड के एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन FACE’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अवैध तरीके से सैकड़ों सिम कार्ड जारी कर रहे थे।
एक ही चेहरे से 246 सिम कार्ड एक्टिव
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक ही व्यक्ति के चेहरे की फोटो का बार-बार इस्तेमाल कर 246 से अधिक सिम कार्ड एक्टिव कर दिए। यह फर्जीवाड़ा ग्राहकों के दस्तावेजों की फोटोकॉपी लेकर, अलग-अलग नाम और पते डालकर किया जा रहा था। इस तरह की गतिविधि से बड़े पैमाने पर साइबर अपराधों की आशंका जताई जा रही है।
दो पीओएस एजेंट गिरफ्तार
साइबर पुलिस ने इस मामले में देवेंद्र यादव और मोहम्मद सैफ कुरैशी नामक दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी किए और पहचान सत्यापन प्रक्रिया में हेरफेर किया।
AI टूल और DoT डेटा से खुला राज
इस पूरे रैकेट का खुलासा Department of Telecommunications (DoT) के डेटा और AI आधारित फेस रिकग्निशन टूल की मदद से हुआ। जब एक ही चेहरे पर 50 से ज्यादा सिम कार्ड एक्टिव पाए गए, तब संदेह के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसने इस बड़े फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया।
फर्जी सिम के इस्तेमाल की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी सिम कार्डों को किन लोगों को बेचा गया और उनका उपयोग किन-किन आपराधिक गतिविधियों जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, ठगी या अन्य साइबर अपराध में किया गया। मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें और सिम कार्ड लेते समय पूरी सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।