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Four accused convicted in the brutal murder case of a Head Constable's wife and daughter; sentencing to be pronounced on October 8.
सूरजपुर जिले में प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा को इस मामले में दोषी ठहराया है, जिन्हें आठ अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। वहीं दो आरोपियों सूरज साहू और निलकेश्वर साहू को इस मामले से दोषमुक्त कर दिया है।
इधर कोर्ट से निकलते हुए दोषी कुलदीप हंसते हुए बाहर आया और उसने स्माइली शाइन के साथ पत्रकारों को वीडियो बनाने के लिए कहा। वहीं एक अन्य मामले में भी पुलिसकर्मी पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की घटना में मुख्य आरोपी कुलदीप को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
आपको बता दें, कि पुरानी रंजिश और बड़े भाई पर मारपीट के मामले में हुई कार्रवाई से कुलदीप साहू नाराज था। उसने प्रधान आरक्षक को तलवार से काट देने की धमकी भी दी थी। 13 अक्टूबर 2024 की रात को वह अपने साथियों के साथ प्रधान आरक्षक के घर पहुंचा। उस वक्त घर में केवल आरक्षक की पत्नी और 12 वर्षीय बेटी मौजूद थी। कुलदीप ने प्रधान आरक्षक की पत्नी से दुष्कर्म किया, फिर चाकू से उसे गोद डाला। उसके बाद बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपियों ने दोनों लाशों को नग्न अवस्था में घर से पांच किलोमीटर दूर पीढ़ा गांव के पास फेंक दिया। उसी रात पुराना बस स्टैंड चौपाटी पर उसे पकड़ने गए एक अन्य आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल उड़ेल दिया, फिर पीड़ित प्रधान आरक्षक सहित अन्य आरक्षकों पर कार चढ़ाने की भी कोशिश की थी। इस प्रकरण में कुलदीप साहू को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि रिंकू, चंद्रकांत, आर्यन, अशोक साहू और राजू को दोषमुक्त कर दिया गया है। भागते समय बिश्रामपुर के तत्कालीन टीआइ अलरिक लगड़ा पर लटोरी में फायरिंग के आरोप भी लगे थे। इस मामले में कुलदीप साहू और सूरज साहू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
आपको यह भी बता दें, कि घटना की रात दोहरे हत्याकांड से पहले और उसके बाद आरोपियों ने पुलिसकर्मी पर कार चढ़ाकर उन्हें कुचलने की कोशिश की थी। अन्य प्रधान आरक्षक उदय सिंह की रिपोर्ट पर दर्ज इस मामले में छह आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था।