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From the simplicity of a party worker to the leadership of the Prime Minister... this is how Dr. Raman Singh recalled Modi's connection with Chhattisgarh and his political journey.
रायपुर। 17 सितंबर देश के लिए एक विशेष दिन है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन को राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया और संगठन के एक सामान्य कार्यकर्ता से देश के प्रधानमंत्री तक की लंबी यात्रा तय की। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में देखें तो मोदी का इस प्रदेश से जुड़ाव केवल राजनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई मौकों पर उनका कार्यकर्ताओं और आम लोगों के प्रति आत्मीय व्यवहार भी सामने आया है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के शुरुआती दौर की स्मृतियां आज भी मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्ष 2003 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और मेरे शपथ ग्रहण समारोह में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे, तब उनका व्यवहार किसी विशिष्ट अतिथि जैसा नहीं, बल्कि एक सामान्य कार्यकर्ता जैसा था। उन्होंने औपचारिकता से अलग हटकर जमीन पर बैठकर कार्यकर्ताओं के साथ व्यवस्थाओं में सहयोग किया। यह उनके संगठनात्मक संस्कार और सहज स्वभाव की झलक थी।वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ की रियायती चावल योजना के शुभारंभ के अवसर पर भी उन्होंने विश्वास जताया था कि ऐसी पहल समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तो प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अंबिकापुर की सभा के लिए लाल किले की प्रतिकृति वाला मंच तैयार किया गया था। उस समय मोदी के भाषण ने राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा की। बाद में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले की प्राचीर से उन्होंने स्वच्छता और शौचालय जैसे विषयों को राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाया।स्वच्छ भारत, फिट इंडिया, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से सरकार की योजनाओं को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया। इन पहलों ने विकास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और उद्यमिता जैसे विषयों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लाने में भूमिका निभाई।
मोदी के राजनीतिक जीवन का एक पहलू उनका आम लोगों के साथ सहज संवाद भी रहा है। वर्ष 2015 में दंतेवाड़ा के जावांगा एजुकेशन सिटी की यात्रा से लेकर अलग-अलग अवसरों पर बच्चों और ग्रामीणों के बीच उनकी मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का ध्यान खींचा।2016 में डोंगरगढ़ की सभा के दौरान 104 वर्षीय कुंवरबाई का सम्मान करते हुए उनके चरण स्पर्श करने की घटना को भी उनकी विनम्रता के उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है। कुंवरबाई ने बकरियां बेचकर शौचालय बनवाया था। इसी तरह बीजापुर के जांगला में एक आदिवासी महिला को अपने हाथों से चरण-पादुका पहनाने की घटना को भी उनके अंत्योदय के संदेश से जोड़ा गया।
मोदी की कार्यशैली में निरंतर सक्रियता और संवाद को महत्वपूर्ण माना जाता है। मन की बात और परीक्षा पे चर्चा जैसे कार्यक्रमों के जरिए वे अलग-अलग वर्गों से संवाद करते रहे हैं। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर लंबे समय तक सक्रिय रहने की उनकी शैली ने भाजपा के विस्तार को भी प्रभावित किया है।मेरे विचार में कार्यकर्ता के रूप में संगठन के प्रति प्रतिबद्धता, राजनीतिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा के संकल्प का यह संयोजन उनकी सार्वजनिक यात्रा की प्रमुख विशेषता रहा है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से नक्सलवाद एक गंभीर चुनौती रहा है। डॉ. रमन सिंह के अनुसार, केंद्र की दृढ़ नीति और सुरक्षा अभियानों के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उनका मानना है कि सुरक्षा के साथ विकास और बुनियादी सुविधाओं पर जोर ने भी इस बदलाव को गति दी।इसी संदर्भ में वे सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी सैन्य कार्रवाइयों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर निर्णायक कदम के रूप में देखते हैं। उनके अनुसार इन कार्रवाइयों से देश की सुरक्षा नीति और संप्रभुता को लेकर स्पष्ट संदेश गया।
आज की राजनीति में सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और गेमिंग जैसी नई रुचियों से जुड़े युवाओं की भूमिका बढ़ी है। मोदी ने इन नए वर्गों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया है। डॉ. रमन सिंह के अनुसार, इससे युवा पीढ़ी और शासन व्यवस्था के बीच संवाद का एक नया माध्यम तैयार हुआ है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों और संस्थाओं की ओर से सम्मान मिलने को उनके समर्थक भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका से जोड़कर देखते हैं। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मैं उनके दीर्घायु, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन की कामना करता हूं। राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प को आगे बढ़ाने की शक्ति उन्हें निरंतर मिलती रहे, यही मेरी शुभकामना है।