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Workers' Grand Convention on Vishwakarma Jayanti: Chief Minister Sai makes three major announcements; ₹51.32 crore transferred to the accounts of 1.43 lakh workers.
रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचे हजारों श्रमिकों को संबोधित किया। उन्होंने श्रमिकों को छत्तीसगढ़ के विकास का आधार बताते हुए कहा कि श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान श्रमिकों के हित में तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। साथ ही विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51.32 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई।
शहरों में बनेंगे आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार के अनुसार, इन केंद्रों का उद्देश्य काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है।
पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना
मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि काम के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए बेहतर आवागमन की सुविधा उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से सीधे जुड़ी है।
योजना के जरिए श्रमिकों को आवागमन में सुविधा देने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा के लिए अब ₹1 लाख सहायता
असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पारंपरिक रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, आय बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
26 योजनाओं के तहत 1.43 लाख श्रमिकों को मिली सहायता
महासम्मेलन में श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के तहत 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 51 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र के साथ सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि आर्थिक संसाधनों की कमी श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के सपनों में बाधा न बने।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। योजना के तहत पहले 100 बच्चों को लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है।
मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
महासम्मेलन में श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को मुख्यमंत्री ने लैपटॉप और 1.75 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मनिंदर ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मनिंदर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने इसे श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी
कार्यक्रम में 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर ई-रिक्शा को रवाना किया।
मुख्यमंत्री और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं से बातचीत कर उनके रोजगार और परिवार से जुड़ी जानकारी ली।
श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया दोपहर का भोजन
महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अलग-अलग जिलों से आई श्रमिक बहनों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से उनके कामकाज, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने यह भी जाना कि श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं और किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं आ रही है।
डिजिटल तकनीक से आसान और पारदर्शी होंगी योजनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य की नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया और पीवीसी एवं क्यूआर कोड युक्त नवीन श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने और योजनाओं की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के लिए किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में मौजूद हजारों श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान श्रमिकों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के लिए मंगलकामना की।
श्रमिकों तक समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य: लखन लाल देवांगन
श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचा रही है। डीबीटी के जरिए राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है।
उन्होंने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किए जाने की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए।
श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण से मजबूत होगा छत्तीसगढ़: बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और महिलाओं को ई-रिक्शा के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने जैसी पहल आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण में सहायक होंगी।
उन्होंने आने वाले समय में रोजगार मेले के आयोजन के जरिए लगभग तीन हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी बताया।
सरकार का फोकस: सामाजिक सुरक्षा से स्वरोजगार तक
श्रमिक महासम्मेलन में सरकार की योजनाओं में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आधुनिक आवागमन और स्वरोजगार पर जोर दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है।
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।