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Fugitives extradited to India operation trishul
देश छोड़कर भागने वाले अपराधियों के लिए अब विदेशी धरती सुरक्षित नहीं रह गई है. नाम बदलकर व पहचान छिपाकर देश से बाहर छिपकर रह रहे 274 भगोड़े अपराधियों को पिछले सात वर्षों में 36 देशों से भारत वापस लाया जा चुका है. गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पुराने दिन अब लद गए हैं जब सिस्टम की कमियों का लाभ उठाकर अपराधी बच निकलते थे, और अब नए भारत में कानून, नई संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सिस्टम की सभी कमियों को भरा जा रहा है.
गृह मंत्रालय के अनुसार, भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए देश के भीतर और बाहर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का एक मजबूत ढांचा तैयार किया गया है. इसके तहत भारत में इंटरपोल के रूप में काम करने वाली सीबीआई को सभी राज्यों के पुलिस मुख्यालयों के साथ-साथ जिला पुलिस मुख्यालय से भी जोड़ा गया है.
'भारतपोल' (Bharatpol) नामक इस प्लेटफॉर्म पर भगोड़े अपराधियों के बारे में तेजी से सूचनाओं और जरूरी दस्तावेजों का आदान-प्रदान हो रहा है. देशभर की विभिन्न एजेंसियों की 1400 से अधिक यूनिट इस पोर्टल से जुड़ी हुई हैं. जिसे पिछले वर्ष जनवरी में लॉन्च किया गया था. इस पर आ रही सूचनाओं को इंटरपोल के माध्यम से विभिन्न देशों की एजेंसियों के बीच साझा किया जा रहा है, जिससे भगोड़ों की पहचान करने और उन्हें वापस लाने में बड़ी मदद मिल रही है.