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CG News: Gang making fake residence certificates busted, three including the kingpin arrested
बलरामपुर। कूटरचित दस्तावेजों के जरिए छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण पत्र बनवाने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मामले में एक आरोपी, सीआरपीएफ जवान सुमित सिंह, को गिरफ्तार किया जा चुका था। इस कार्रवाई के बाद मामले में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
तहसीलदार की शिकायत पर खुला मामला
तहसीलदार बलरामपुर ने 28 अप्रैल को थाना बलरामपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 204 कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ करनपुर (जगदलपुर) में पदस्थ कांस्टेबल सुमित सिंह ने तहसील कार्यालय के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। जांच में पाया गया कि आवेदन में शैक्षणिक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों में कूटरचना कर स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र हासिल किया गया।
डोंगरगढ़ से संचालित हो रहा था फर्जीवाड़े का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से फर्जी दस्तावेज तैयार कर छत्तीसगढ़ के निवास प्रमाण पत्र बनवाने का काम कर रहा था। इसी नेटवर्क के जरिए कई लोगों के दस्तावेजों में हेरफेर कर प्रमाण पत्र जारी कराए गए।
सरगना ने भी बनवाया था फर्जी प्रमाण पत्र
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सरगना विवेक सिंह तोमर ने खुद भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। वहीं आरोपी आकाश शर्मा ने अपनी पहचान बदलकर तुकेश्वर पिता भोजराम, निवासी पुलिस लाइन के पीछे बलरामपुर के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराए थे।
शैक्षणिक दस्तावेजों में भी की गई छेड़छाड़
पुलिस के अनुसार दीपक चौरसिया निवासी बलरामपुर के शैक्षणिक दस्तावेजों में भी हेरफेर की गई थी। आरोपियों ने विभिन्न दस्तावेजों में बदलाव कर उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उपयोग किया।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।