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Supporters blocked the way, MLA Ramkumar Toppo, who was about to surrender, took a U-turn.
सरगुजा। नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो शुक्रवार को गिरफ्तारी देने अंबिकापुर स्थित आईजी कार्यालय के लिए रवाना हुए, लेकिन समर्थकों के भारी विरोध के चलते उन्हें बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। विधायक शाम करीब 5 बजे सैकड़ों समर्थकों के साथ अपने निवास से निकले थे, लेकिन रास्ते में समर्थकों ने जगह-जगह उनका काफिला रोक दिया और गिरफ्तारी का विरोध जताया।
समर्थकों ने सड़क पर लेटकर रोका काफिला
अंबिकापुर जाते समय कई स्थानों पर समर्थक सड़क पर बैठ गए और कुछ लोग सड़क पर लेटकर विधायक का रास्ता रोकने लगे। समर्थकों का कहना था कि विधायक निर्दोष हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। बतौली के पास समर्थकों ने विधायक को वापस लौटने के लिए मना लिया, जिसके बाद वे सीतापुर विश्रामगृह लौट आए।
विश्रामगृह में समर्थकों के साथ धरने जैसी स्थिति
वापसी के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो विश्रामगृह के बाहर समर्थकों के साथ जमीन पर बैठ गए और लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान समर्थकों ने प्रशासन और राजस्व अधिकारी के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
समर्थकों ने तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग उठाई
विधायक की समर्थक नीरू मिस्त्री ने कहा कि गिरफ्तारी विधायक की नहीं बल्कि तहसीलदार तुषार मानिक की होनी चाहिए। वहीं ललिता तिर्की ने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने रामकुमार टोप्पो को एक भाई की तरह विधायक बनाया है और वे उन्हें हथकड़ी में नहीं देख सकते। समर्थक धर्मेंद्र अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि विधायक को गिरफ्तार किया गया तो हजारों समर्थक भी गिरफ्तारी देंगे।
'मैं तो गिरफ्तारी देने जा रहा था' : रामकुमार टोप्पो
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि वह स्वयं गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर जा रहे थे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उन्हें रास्ते से वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे अपने समर्थकों के साथ बैठे हैं और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
क्या है पूरा विवाद?
मामला 27 मई का है। राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने आरोप लगाया है कि विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने उन पर सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाया। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी करने की बात कहने पर विधायक और उनके समर्थकों ने कथित रूप से उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इस शिकायत के आधार पर विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दूसरी ओर विधायक की बहन ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की, जातिसूचक टिप्पणी और कार्यालय से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर तहसीलदार के खिलाफ भी अलग मामला दर्ज किया गया है।