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Heat rises in Chhattisgarh as the monsoon withdraws; Raipur records 34.4°C; light rain likely in two days.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। मानसून के प्रदेश से पूरी तरह विदा होने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। इस बीच बारिश थमने के बाद दिन में तेज धूप निकलने से तापमान बढ़ गया है और कई जिलों में गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। किसी भी स्थान पर उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि राजनांदगांव में प्रदेश का सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार पेंड्रारोड में 33.8, बिलासपुर में 33.6, माना एयरपोर्ट में 33.6, दुर्ग में 33.5, जगदलपुर में 33.3 और अंबिकापुर में 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मानसून की विदाई के साथ आसमान साफ रहने और धूप बढ़ने से आने वाले दिनों में दिन के तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
राजधानी रायपुर में बारिश का दौर थमने के बाद तापमान लगातार बढ़ रहा है। तेज धूप के कारण दिन में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। रात में भी अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को रायपुर में आसमान साफ रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
हालांकि मानसून की विदाई के बीच प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने वाला नहीं है। छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा होते हुए एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है।
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई है। वहीं, दो दिन बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल से मध्य महाराष्ट्र तक झारखंड, ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा से होकर एक द्रोणिका बनी हुई है। उत्तर-मध्य बिहार से उत्तरी ओडिशा तक झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल से होकर भी एक अन्य द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।