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In Bilaspur, farmers will no longer have to stand in queues at paddy procurement centers; transparent weighing and moisture testing will be conducted at 35 check points.
खरीफ विपणन वर्ष के तहत समर्थन मूल्य पर धान बेचने आने वाले अन्नदाताओं को इस बार खरीदी केंद्रों में न तो घंटों कतारों में पसीना बहाना पड़ेगा और न ही तौल में किसी प्रकार की हेराफेरी सहनी पड़ेगी। शासन और जिला प्रशासन का पूरा फोकस इस बार किसान की गाढ़ी कमाई की पाई-पाई सुरक्षित करने और केंद्रों में पारदर्शी व्यवस्था देने पर है। किसानों को लंबी दूरी तय करने से बचाने के लिए उपार्जन केंद्रों का नेटवर्क बढ़ाया गया है, जिससे सीमांत किसानों का ट्रैक्टर भाड़ा और कीमती समय दोनों बचेगा।
आपको बता दें, कि उपार्जन केंद्रों में किसान-हित को सर्वोपरि रखते हुए 35 बिंदुओं का कड़ा पैमाना तय किया गया है। इसके तहत केंद्रों में किसानों के बैठने के लिए छायादार शेड, शुद्ध पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। तौल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए इलेक्ट्रानिक कांटों का मापतौल विभाग से सत्यापन और नमी मापक यंत्रों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि सही गुणवत्ता और सही वजन पर ही धान खरीदा जाए। पीसीएसएपी सॉफ्टवेयर के जरिए गिरदावरी रकबे और किसान के टोकन का रीयल-टाइम ऑनलाइन मिलान होगा, जिससे बिचौलियों की गुंजाइश खत्म होगी और किसानों को भुगतान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
धान उपार्जन केंद्रों में किसानों दी जाने वाली सुविधाओं की अगर बात करें, तो किसानों को तेज धूप से बचाने के लिए केंद्रों में सुरक्षित छायादार शेड और बैठने की व्यवस्था की गई है। अन्नदाताओं और श्रमिकों के लिए परिसर में शुद्ध शीतल पेयजल व प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराया जाएगा। प्रमाणित इलेक्ट्रानिक कांटों से सटीक तौल और पारदर्शी नमी परीक्षण की गारंटी दी जाएगी। साफ्टवेयर में रीयल-टाइम एंट्री से अनावश्यक इंतजार व लंबी कतारों से किसानों को मुक्ति मिलेगी। धान सुरक्षित रखने ऊंचे पक्के चबूतरे और बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जिले में उपार्जन केंद्रों का दायरा बढ़ने से सबसे बड़ी राहत छोटे और दूरदराज के किसानों को मिलेगी। पहले कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाकर धान बेचने में पूरा दिन और भारी ट्रैक्टर भाड़ा लग जाता था। अब गांव के पास ही केंद्र मिलने से ढुलाई का खर्च आधा रह जाएगा और किसान उसी दिन बिना झंझट के अपनी उपज बेचकर घर लौट सकेंगे।
धान उपार्जन केंद्रों में किसानों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के नोडल अधिकारी आशीष दुबे ने बताया, कि धान खरीदी में अन्नदाताओं का सम्मान और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 35 चेक प्वाइंट्स के तहत केंद्रों में छाया, पेयजल, सटीक तौल और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। किसान भाइयों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभागीय अमला मुस्तैद रहेगा।