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In Bilaspur, two DFOs took charge of a sawmill and provided training to forest staff on the safe cutting of timber.
बिलासपुर। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यस्थल पर उतरकर कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की मिसाल पेश की है। खोडरी वन परिक्षेत्र के करगीखुर्द में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मरवाही और मुंगेली वनमंडल के दो डीएफओ ने खुद आरा मशीन चलाकर वृक्ष कटाई से लेकर लट्ठे तैयार करने तक की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस पहल का उद्देश्य वनकर्मियों को वैज्ञानिक तरीके से काष्ठ विदोहन करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
वन विभाग की ओर से शनिवार को करगीखुर्द परिसर में काष्ठ विदोहन वर्ष 2026-27 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मरवाही वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत और मुंगेली वनमंडल के डीएफओ तन्मय कौशिक ने हिस्सा लिया। दोनों अधिकारियों ने आरा मशीन का संचालन कर कर्मचारियों को लकड़ी कटाई और लट्ठा निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी।कार्यक्रम में बिलासपुर के मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय सहित बिलासपुर, मरवाही और मुंगेली वनमंडल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी भागीदारी की।
प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि काष्ठ विदोहन के दौरान तकनीकी दक्षता के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। पेड़ काटने, मशीन चलाने और लट्ठे तैयार करने के प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।अधिकारियों ने कर्मचारियों को आगाह किया कि आरा मशीन के संचालन में छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए जल्दबाजी से बचना, उपकरणों का सही इस्तेमाल करना और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि डीएफओ ने कर्मचारियों को केवल मौखिक निर्देश देने के बजाय खुद मशीन चलाकर तकनीक समझाई। इससे वनकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने की प्रक्रिया को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला।इस प्रशिक्षण के जरिए वन विभाग का उद्देश्य मैदानी अमले की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ सुरक्षित कार्यशैली को प्रोत्साहित करना भी है। अधिकारियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि तकनीकी प्रशिक्षण में व्यावहारिक प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
करगीखुर्द में आयोजित यह कार्यक्रम काष्ठ विदोहन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक प्रशिक्षण पहल रहा। वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देना और कार्यस्थल पर जोखिम कम करना इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहा।ऐसे कार्यक्रमों से कर्मचारियों को अपने काम में तकनीकी सावधानियों को समझने और अपनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, सुरक्षित तरीके से लकड़ी कटाई और लट्ठा निर्माण की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संचालित करने की दिशा में भी सहयोग मिलने की उम्मीद है।