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India's military power will be further strengthened, DAC approves purchase of 114 Rafale jets and 6 P-8I aircraft.
नई दिल्ली। भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त पी-8आई समुद्री निगरानी विमान खरीदने को भी हरी झंडी मिल गई है। यह फैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डीएसी बैठक में लिया गया। अब इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
3.25 लाख करोड़ की राफेल डील, अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा
राफेल लड़ाकू विमानों की यह डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की बताई जा रही है, जो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है। ये विमान फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से खरीदे जाएंगे। प्रस्ताव के तहत 18 विमान फ्लाई-अवे कंडीशन में सीधे फ्रांस से आएंगे, जबकि बाकी 96 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
वायुसेना की जरूरत पूरी करने में मददगार
भारतीय वायुसेना लंबे समय से फाइटर जेट्स की कमी से जूझ रही है। वर्तमान में वायुसेना के पास 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि आवश्यकता 42 स्क्वाड्रन की है। पुराने विमानों के रिटायर होने के कारण नए और आधुनिक लड़ाकू विमानों की जरूरत महसूस की जा रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल विमानों के शामिल होने से वायुसेना की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
राफेल की खासियत
राफेल मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में सक्षम है। यह लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है और अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि राफेल जैसे आधुनिक विमानों से देश की सुरक्षा और मजबूत होगी तथा चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से आने वाले खतरों का प्रभावी तरीके से मुकाबला किया जा सकेगा।
स्कैल्प क्रूज मिसाइल खरीदने की भी तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक राफेल विमानों की युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए फ्रांस से स्कैल्प क्रूज मिसाइल खरीदने की मंजूरी भी दी गई है। इससे भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक क्षमता और मजबूत होगी।
नौसेना को मिलेगा पी-8आई पॉसिडॉन का साथ
डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त पी-8आई पॉसिडॉन विमान खरीदने की भी मंजूरी दी है। बोइंग कंपनी द्वारा निर्मित ये विमान समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी अभियानों में बेहद अहम माने जाते हैं। भारत के पास पहले से 12 पी-8आई विमान हैं और नए विमानों के जुड़ने से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी।
फ्रांस और अमेरिका से रक्षा सहयोग होगा मजबूत
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से पहले इस फैसले को दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, अमेरिका के साथ भी करीब 3 अरब डॉलर की रक्षा खरीद को लेकर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है, जिससे भारत की सैन्य ताकत को और मजबूती मिलेगी।