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Lok Sabha News: Rahul Gandhi raises the issue of 'Epstein Files' in the Lok Sabha, Hardeep Singh Puri dismisses the allegations
नई दिल्ली। लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा ‘एपस्टीन फाइल्स’ का मुद्दा उठाए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी ने अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी सामने आया है।
पुरी ने दी सफाई, मुलाकातों को बताया आधिकारिक
आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पत्रकार वार्ता कर स्पष्ट किया कि उनकी एपस्टीन से केवल तीन-चार मुलाकातें हुई थीं और वे पूरी तरह पेशेवर तथा आधिकारिक प्रकृति की थीं। उन्होंने कहा कि उनका किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
राजदूत रहते हुई थीं मुलाकातें
पुरी ने बताया कि वर्ष 2009 में जब वे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि (राजदूत) थे और बाद में इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट से जुड़े थे, उसी दौरान वे एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने कहा कि ये मुलाकातें इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म और संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ से जुड़े विमर्श के संदर्भ में हुई थीं।
2009 से 2017 के बीच हुईं औपचारिक बैठकें
केंद्रीय मंत्री के अनुसार 2009 से 2017 के बीच शिष्टमंडल के रूप में तीन या चार औपचारिक बैठकें हुईं। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट में उनके वरिष्ठ टेरजे राड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे और संस्थागत स्तर पर बातचीत होती थी। पुरी ने कहा कि इन बैठकों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।
अमेरिकी दस्तावेजों में बैठकों का जिक्र
पुरी ने जानकारी दी कि अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 लाख से अधिक दस्तावेज और ईमेल सार्वजनिक किए हैं, जिनमें इन बैठकों का उल्लेख मौजूद है। उन्होंने कहा कि सभी जानकारियां अब आम लोगों के सामने हैं और किसी भी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं है।