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Indian Express claims: Congress MP Tankha played a key role in ending Wangchuk's fast.
नई दिल्ली। (Vivek Tankha Defamation Notice) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा (Vivek Tankha) ने एक समाचार रिपोर्ट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पत्रकार सौरभ द्विवेदी और इंडियन एक्सप्रेस को कानूनी मानहानि का नोटिस भेजते हुए रिपोर्ट में किए गए दावों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। तन्खा ने संबंधित पक्षों से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग भी की है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया था?
(Indian Express News) इंडियन एक्सप्रेस हिन्दी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मेदांता हॉस्पिटल मेडीसिटी गुड़गांव में अस्पताल में भर्ती प्रख्यात पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाने में बैक डोर चैनल में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा की अहम भूमिका रही है।
(Congress Leader Vivek Tankha) मीडिया संस्थान ने अपने रिपोर्टर के हवाले से बताया कि केन्द्रीय ग़ृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय से श्री तन्खा को सम्पर्क किया गया था। चूंकि तन्खा ने कुछ माह पहले जोधपुर जेल में बंद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk Hunger Strike) की जमानत कराने में अहम भूमिका निभायी थी। इसलिए केन्द्र सरकार ने उनसे सम्पर्क करना मुनासिब समझा। तन्खा के साथ औऱ जो तीन लोगों ने सोनम वांगचुक से बात की थी ,उनमें तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष भी थीं, जो वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की पत्नी हैं। इसके अलावा लेह-लद्दाख स्वशासी परिषद के दो सदस्य भी थे। जिन्होंने वांगचुक को तीन शर्तों पर सहमत कराया था। इसके बाद दो केन्द्रीय मंत्रियों जगत प्रकाश नड्डा औऱ जितेन्द्र सिंह ने उनकी शर्तों पर सहमति वाला केन्द्र सरकार पत्र भेजा था। इसके बाद ही सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया था।
विवेक तन्खा ने किया साफ इनकार
(Vivek Tankha Statement) इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक तन्खा ने कहा कि रिपोर्ट में प्रकाशित कई बातें वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खातीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय के किसी अधिकारी ने उनसे इस संबंध में कोई संपर्क नहीं किया था। उनके मुताबिक, उनके और सोनम वांगचुक के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध हैं और उसी आधार पर उन्होंने एक अधिवक्ता के रूप में केवल यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि वांगचुक को उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
(Vivek Tankha News) तन्खा ने कहा कि किसी राजनीतिक मध्यस्थता या सरकार की ओर से कोई भूमिका निभाने का दावा पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि इस प्रकार की खबरों से उनकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
(Legal Notice to Indian Express) मानहानि नोटिस के माध्यम से विवेक तन्खा ने संबंधित पत्रकार और मीडिया संस्थान से रिपोर्ट वापस लेने तथा सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि निर्धारित समय में ऐसा नहीं किया गया तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस में भी हुई चर्चा
(Defamation Notice) रिपोर्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि यदि रिपोर्ट सही होती तो विपक्षी दल के सांसद की भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते थे। हालांकि तन्खा के स्पष्ट खंडन के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी उनके पक्ष में बयान दिए और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रवक्ता का बयान
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास विजय बजाज ने भी रिपोर्ट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रकाशित सामग्री पूरी तरह मनगढ़ंत प्रतीत होती है और इसका उद्देश्य विवेक तन्खा की छवि को नुकसान पहुंचाना है। उनके अनुसार, बिना पर्याप्त तथ्यों के इस तरह की रिपोर्ट प्रकाशित करना गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता का उदाहरण है। उन्होंने संबंधित मीडिया संस्थान से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
फिलहाल इस मामले ने राजनीतिक और मीडिया जगत में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित मीडिया संस्थान और पत्रकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।