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Investigation into Chhattisgarh's high-profile scams intensifies; Vaibhav Agrawal appears before the EOW for the second consecutive day.
रायपुर। कथित शराब और कोयला घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के पुत्र वैभव अग्रवाल से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। मंगलवार को तेलीबांधा स्थित ईओडब्ल्यू मुख्यालय में उनसे लगभग आठ घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। देर रात उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन बुधवार को दोबारा जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया।
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारियों ने वैभव अग्रवाल से कथित वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और विभिन्न मामलों से जुड़ी जानकारियों को लेकर विस्तार से पूछताछ की। ईओडब्ल्यू अब तक मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल कथित शराब घोटाला, कोल लेवी वसूली, कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि और डीएमएफ से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में हैं। इन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी पहले जांच कर चुका है तथा कई आरोपियों की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये की संपत्तियों को जब्त करने जैसी कार्रवाई कर चुका है।
ईडी और ईओडब्ल्यू की ओर से कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल पूछताछ के लिए अब तक उपस्थित नहीं हुए हैं। बताया जाता है कि वह पिछले लगभग तीन वर्षों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। समय-समय पर उनके देश से बाहर, खासकर दुबई में होने की चर्चाएं भी सामने आईं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय तक छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रहे। वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष भी बनाया गया था। इसी दौरान कस्टम मिलिंग के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने का फैसला हुआ। जांच एजेंसियां इस फैसले और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच लगातार जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वैभव अग्रवाल से दूसरे दिन की पूछताछ को भी इसी व्यापक जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।