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CG News: Jungle safari to begin in Achanakmar Tiger Reserve from November 1; a new tourism circuit will be linked to the Maa Mahamaya Temple.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में वन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व में नई पहल की गई है। इसके तहत जंगल सफारी को धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए नया पर्यटन सर्किट विकसित किया गया है। अचानकमार के प्रवेश द्वार केंवची गेट को रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर से जोड़ने की योजना बनाई गई है। आरएमकेके मार्ग के जरिए पर्यटक अब जंगल सफारी के साथ धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे। इस नई पर्यटन सुविधा के तहत जंगल सफारी की शुरुआत 1 नवंबर से होगी।
अचानकमार टाइगर रिजर्व की क्षेत्रीय संचालक प्रियंका पांडेय ने बताया कि छत्तीसगढ़ के वन मंत्री 1 नवंबर को सुबह 11 बजे वर्चुअल माध्यम से इस नई पर्यटन सुविधा का उद्घाटन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को वन्यजीवों और प्राकृतिक सुंदरता के साथ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है। नए पर्यटन सर्किट के शुरू होने से अचानकमार आने वाले पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में एक और विकल्प मिलेगा।
नए पर्यटन सर्किट के जरिए पर्यटक अचानकमार के घने जंगलों और रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर को अपनी यात्रा में शामिल कर सकेंगे। इसके अलावा, अमरकंटक स्थित नर्मदा उद्गम स्थल जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों को भी इस व्यापक पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने की योजना है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक पर्यटन को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटक एक ही यात्रा के दौरान जंगलों, प्राकृतिक दृश्यों और धार्मिक स्थलों का अनुभव कर सकेंगे।
पर्यटकों की सुविधा के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व के केंवची गेट पर छह सीटों वाली जिप्सी और आठ सीटों वाला ‘महारानी’ वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। निर्धारित मार्गों पर इन वाहनों के माध्यम से जंगल सफारी कराई जाएगी। इससे पर्यटकों को अचानकमार के जंगलों की सैर करने के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। वाहन सुविधा के विस्तार से सफारी को अधिक सुविधाजनक बनाने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
अचानकमार में पर्यटन सर्किट के विस्तार से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। वाहन संचालन, गाइड सेवा और खानपान जैसे व्यवसायों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। धार्मिक पर्यटन और वन पर्यटन को एक साथ जोड़ने से पर्यटक क्षेत्र में अधिक समय बिता सकेंगे, जिससे स्थानीय कारोबारियों को लाभ मिल सकता है। इस पहल से अचानकमार टाइगर रिजर्व और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों की पहचान को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।