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Korba News: Uproar at a Korba hotel over alleged religious conversion; scuffle breaks out in opposition to a prayer meeting; video goes viral.
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित होटल स्टार इन में शनिवार शाम कथित धर्मांतरण और प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने होटल में ठहरे लोगों पर धर्मांतरण की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल कथित धर्मांतरण के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, जॉन मसीह नामक व्यक्ति ने होटल स्टार इन में करीब 15 कमरे बुक कराए थे। इन कमरों में लाफा, पाली और कटघोरा सहित आसपास के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए लगभग 40 लोग ठहरे हुए थे। बताया गया है कि इनमें सतनामी और गोंड समुदाय के लोग भी शामिल थे। शनिवार शाम होटल में प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया।
होटल में विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों के साथ हाथापाई होती दिखाई दे रही है। आरोप है कि बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने होटल में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना के सभी पहलुओं और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
घटना की सूचना मिलने पर सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और सीएसईबी पुलिस चौकी प्रभारी गौके पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों और कथित धर्मांतरण से जुड़े आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बजरंग दल के जिला प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी कथित तौर पर प्रलोभन देकर हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रचार सामग्री के साथ पहुंचे लोगों ने शहरी क्षेत्र को निशाना बनाया था। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच जारी है।
राणा मुखर्जी ने एसईसीएल के माणिकपुर क्षेत्र में स्थित एक मकान का इस्तेमाल इंडियन प्रेयर चर्च (आईपीसी) के रूप में किए जाने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई है। उन्होंने यह दावा भी किया कि होटल में ठहरे लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मांगे गए थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कोरबा के होटल में हुई इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कथित धर्मांतरण, प्रार्थना सभा और मारपीट से जुड़े आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।