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Justice served 11 years after husband's death; woman to receive ₹5 lakh insurance claim.
रायपुर। संयुक्त बैंक खाते से बीमा प्रीमियम जमा होने पर दुर्घटना में किसी भी एक खाताधारक की मृत्यु होने पर पूरे पांच लाख रुपये का बीमा क्लेम मिलेगा। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने इस संबंध में अहम फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें दावा केवल प्रथम खाताधारक तक सीमित होने की बात कही गई थी।
यह मामला दुर्ग निवासी मीना बाई चेलिक का है, जिन्होंने अपने पति स्वर्गीय शंकर लाल चेलिक की दुर्घटना में मृत्यु के बाद बीमा दावा किया था। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद एनसीडीआरसी ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को पांच लाख रुपये की बीमा राशि, निर्धारित ब्याज, 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद व्यय देने का निर्देश दिया।
अधिवक्ता राजेश भवनानी के अनुसार, भिलाई-तीन निवासी शंकर लाल चेलिक और उनकी पत्नी मीना बाई का जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में संयुक्त बचत खाता था। इसी खाते से लिबर्टी वीडियोकॉन जनरल इंश्योरेंस की ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसी के लिए 65 रुपये का प्रीमियम काटा गया था, जिसके तहत पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध था।
12 सितंबर 2014 को रायपुर में कार्य के दौरान शंकर लाल चेलिक गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी मीना बाई ने बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत किया।
बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मृतक संयुक्त खाते के द्वितीय खाताधारक थे, इसलिए बीमा लाभ के पात्र नहीं हैं। इस निर्णय को मीना बाई ने उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्पष्ट किया कि जब बीमा प्रीमियम संयुक्त खाते से जमा हुआ है और पॉलिसी के तहत बीमा कवर उपलब्ध है, तो केवल प्रथम या द्वितीय खाताधारक के आधार पर दावा अस्वीकार नहीं किया जा सकता। आयोग ने बीमा कंपनी की आपत्ति को अनुचित मानते हुए महिला को पूर्ण बीमा राशि सहित अन्य राहत देने का आदेश दिया।
इस निर्णय को संयुक्त बैंक खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि यदि संयुक्त खाते से बीमा प्रीमियम जमा किया गया है, तो दुर्घटना की स्थिति में किसी भी खाताधारक की मृत्यु होने पर बीमा कंपनी केवल खाताधारक के क्रम का हवाला देकर क्लेम से इनकार नहीं कर सकती।