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Kaustubh Shukla will receive the 2026 Barrister Thakur Chhedilal Award.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा घोषित वर्ष 2026 के राज्य अलंकरण पुरस्कारों में विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता कौस्तुभ शुक्ला का चयन प्रतिष्ठित ‘बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान’ के लिए किया गया है। वे सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) के रूप में प्रैक्टिस कर रहे हैं।
मूल रूप से रायपुर निवासी कौस्तुभ शुक्ला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भिलाई से प्राप्त की। उन्होंने बी.एस.पी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सेक्टर-X से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से बी.ए. एलएल.बी. की डिग्री हासिल की और दिल्ली से विधि में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य अधिवक्ता परिषद में पंजीयन के साथ अपने विधिक करियर की शुरुआत की। बाद में सर्वोच्च न्यायालय में स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस शुरू की और अपनी मेहनत एवं अनुभव के बल पर एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड की प्रतिष्ठित योग्यता हासिल की। अपने पेशेवर सफर में वे कई महत्वपूर्ण मामलों में अधिवक्ता के रूप में पैरवी कर चुके हैं। संवैधानिक और सार्वजनिक महत्व के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठों के समक्ष भी उन्होंने अपनी दलीलें रखी हैं।
कौस्तुभ शुक्ला न्यायिक कार्यों के साथ अधिवक्ता समुदाय के संस्थागत विकास में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2024 से 2026 तक वे सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के संयुक्त सचिव रहे। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के पेशेवर हितों, सर्वोच्च न्यायालय में फाइलिंग, पंजीयन, सूचीबद्धता, ऑनलाइन सुनवाई और रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं के सुधार में योगदान दिया। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विधिक सम्मेलनों तथा युवा अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी रही है।
वे सर्वोच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से जुड़े रहकर विधिक सहायता अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
कौस्तुभ शुक्ला का परिवार भी सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता स्वर्गीय चंद्र प्रकाश शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा में लगभग चार दशक तक सेवाएं दीं और पुलिस अधीक्षक तथा लोक आयोग के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी माता दीप्ति शुक्ला गृहिणी हैं, जबकि उनके भाई अंकित शुक्ला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में असिस्टेंट कमांडेंट हैं।
कौस्तुभ शुक्ला का चयन न केवल उनके व्यक्तिगत विधिक योगदान और पेशेवर उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विधिक प्रतिभा की पहचान भी है। रायपुर से निकलकर देश की सर्वोच्च अदालत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले कौस्तुभ शुक्ला को मिला यह सम्मान प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।