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Land in MP, lawsuit in Chhattisgarh! High Court delivers major ruling on civil court jurisdiction.
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के दरैन गांव की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सिविल आदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने कहा, कि यदि एक ही संपत्ति विवाद से जुड़ी जमीन अलग-अलग अदालतों के क्षेत्र में स्थित है, तो जहां विवादित संपत्तियों में से कोई एक हिस्सा स्थित है, वहां भी पूरा मुकदमा चलाया जा सकता है। कोर्ट ने जनकपुर की सिविल अदालत के आदेश को सही मानते हुए शहडोल निवासी बृजेंद्रनाथ कुशवाहा सहित छह याचिकाकर्ताओं की याचिका को खारिज कर दी। दरअसल, जनकपुर सिविल कोर्ट में बिरेंद्र कुमार ने दरैन, खरिका टोला और घटई गांवों की जमीन पर हक घोषित करने, बंटवारा और स्थायी रोक लगाने की मांग करते हुए सिविल वाद दायर किया है।
आपको बता दें, कि दरैन की जमीन शहडोल, मध्य प्रदेश में है, जबकि घटई और खरिका टोला की जमीन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आती है, जो छत्तीसगढ़ में स्थित है। इस संबंध में याचिकाकर्ताओं का तर्क था, कि दरैन की जमीन उनकी स्वयं अर्जित संपत्ति है और छत्तीसगढ़ की अदालत को उसपर सुनवाई का कोई अधिकार नहीं है।