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Latest News: Protocol darshan at Kedarnath-Badrinath becomes expensive, now fee is Rs 1100 per devotee
देहरादून। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में सरकारी प्रोटोकॉल के जरिए दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने निर्णय लिया है कि सरकारी प्रोटोकॉल के तहत सुगम दर्शन करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु से 1100 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
सिफारिशी दर्शन पर लगेगी फीस
मंदिर समिति के अनुसार, बड़ी संख्या में श्रद्धालु अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रभावशाली लोगों की सिफारिश के जरिए खुद को सरकारी प्रोटोकॉल सूची में शामिल करवाकर जल्दी दर्शन कर लेते थे। इससे सामान्य श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रोटोकॉल व्यवस्था को व्यवस्थित करना और अनावश्यक सिफारिशों पर अंकुश लगाना है।
दोनों धामों में लागू होगी व्यवस्था
1100 रुपये का यह शुल्क केदारनाथ और बद्रीनाथ दोनों मंदिरों में सरकारी प्रोटोकॉल से आने वाले श्रद्धालुओं पर लागू होगा। मंदिर समिति का कहना है कि इससे दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
पहले से जारी है वीआईपी दर्शन सुविधा
गौरतलब है कि दोनों धामों में पहले से ही वीआईपी दर्शन की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए श्रद्धालुओं से 2500 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है। अब सरकारी प्रोटोकॉल के माध्यम से होने वाले दर्शन भी शुल्क आधारित हो जाएंगे।
आम श्रद्धालुओं को अब भी लंबा इंतजार
दूसरी ओर, सामान्य श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ धाम में दर्शन करना अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को 6 से 8 घंटे तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं दोपहर 12 बजे के बाद कई श्रद्धालुओं को गर्भगृह के अंदर जाकर दर्शन करने का अवसर भी नहीं मिल पाता।
नई व्यवस्था पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
मंदिर समिति के इस फैसले को लेकर श्रद्धालुओं के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे वीआईपी संस्कृति पर नियंत्रण की दिशा में कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने की आवश्यकता है।