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MDMA trade operating under the guise of a salon in Raipur's Shankar Nagar; drugs worth ₹1.47 lakh seized, two women and a transgender person arrested.
रायपुर। राजधानी के शंकर नगर इलाके में सैलून और वेलनेस सेंटर की आड़ में नशीले पदार्थों की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम ने रेमेडी सैलून एंड वेलनेस सेंटर में छापा मारकर 14.73 ग्राम एमडीएमए बरामद की है। जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 1.47 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया है, जबकि सेंटर की संचालिका की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि शंकर नगर स्थित संबंधित सेंटर में एमडीएमए की बिक्री हो रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से 14.73 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई।इस मामले में आशा नायक (27), निवासी सुपेला, दुर्ग, कृष्णा तिवारी (29), निवासी मोवा, रायपुर और हेमंत थापा (36), निवासी अवंति विहार, रायपुर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
जांच के दौरान पुलिस को सैलून की संचालिका रश्मि मसीह की भूमिका के संबंध में जानकारी मिली है। पुलिस का आरोप है कि वह ड्रग्स की व्यवस्था करती थी और सेंटर में छोटे पैकेट तैयार कराकर रखे जाते थे। ग्राहक के आने पर फोन के माध्यम से कर्मचारियों को नशीला पदार्थ देने के निर्देश दिए जाते थे।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों कर्मचारी करीब साढ़े तीन महीने से सेंटर में काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में उनके ड्रग्स से जुड़े कथित कारोबार की जानकारी होने की बात सामने आई है। छापे की जानकारी मिलने के बाद संचालिका के फोन बंद होने और उसके फरार होने की सूचना है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि सेंटर पर किन लोगों को एमडीएमए उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस ग्राहकों के संपर्क विवरण, मोबाइल नंबर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संभावित खरीदारों की पहचान करने में जुटी है।जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि कहीं सेंटर से जुड़े लोग ग्राहकों को ड्रग्स उपलब्ध कराने के बाद उसे होटल, क्लब, पब, बार या निजी पार्टियों तक पहुंचाने में तो शामिल नहीं थे। हालांकि, इस नेटवर्क की वास्तविक सीमा और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रारंभिक जांच में ड्रग्स की खेप राजस्थान और गोवा से पहुंचने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब कथित सप्लाई चैन की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि नशीला पदार्थ किन माध्यमों से रायपुर पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।पुलिस का कहना है कि मुख्य संचालिका की गिरफ्तारी के बाद ड्रग्स की आपूर्ति करने वालों और खरीदने वालों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इस दिशा में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
इस मामले ने वेलनेस सेंटरों और स्पा की गतिविधियों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि सीमित ग्राहकों की आवाजाही और निजी कमरों की व्यवस्था का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की कथित बिक्री के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में सामने आए आरोपों के आधार पर सभी स्पा सेंटरों को संदिग्ध नहीं माना जा सकता।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रेमेडी सैलून एंड वेलनेस सेंटर में कथित तौर पर चल रहा कारोबार कितने समय से सक्रिय था और इससे कितने लोग जुड़े हुए थे।
एसीपी पंडरी कृष्णा कुमार चंद्राकर के मुताबिक, सेंटर की संचालिका इस मामले की प्रमुख संदिग्ध है और उसकी तलाश की जा रही है। उसके पकड़े जाने के बाद कथित सप्लायरों और ग्राहकों की भूमिका की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार संचालिका तक पहुंचने, एमडीएमए की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने और इस मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने पर है।