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MP News: Nauradehi to become the third home for cheetahs; first pair to arrive from Kuno on October 7.
भोपाल। मध्यप्रदेश में चीतों के संरक्षण और विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। चीता स्टीयरिंग कमेटी ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर), नौरादेही में 4 चीतों को बसाने की मंजूरी दी है। इसकी शुरुआत 7 अक्टूबर से होगी। पहले चरण में कूनो नेशनल पार्क से दो चीतों को नौरादेही लाया जाएगा।
पहले चरण में कूनो नेशनल पार्क से नर चीता थोलो और मादा चीता सीसीबी-3 को नौरादेही शिफ्ट किया जाएगा। दोनों चीतों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नौरादेही में रिलीज करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में चीतों के लिए तीन प्रमुख ठिकाने हो जाएंगे कूनो नेशनल पार्क, गांधी सागर और नौरादेही।
नौरादेही पहुंचने के बाद दोनों चीतों को तत्काल खुले जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा। शुरुआत में उन्हें 439 हेक्टेयर यानी करीब 4.4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले सॉफ्ट रिलीज बोमा में रखा जाएगा। यह घेराबंद और सुरक्षित क्षेत्र होगा, जहां चीतों को नए वातावरण के अनुकूल होने का अवसर मिलेगा।
नौरादेही लाई जा रही मादा चीता सीसीबी-3, मादा चीता राधा (सीसीबी-2) की बहन है। राधा को 20 सितंबर को गांधी सागर में छोड़ा गया था। अब सीसीबी-3 को नौरादेही में बसाया जाएगा, जिससे प्रदेश में चीता संरक्षण कार्यक्रम का विस्तार और व्यापक होगा।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व करीब 2,340 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। नौरादेही इसका प्रमुख हिस्सा है। यहां लंबे घास के मैदान और खुले जंगल चीतों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराते हैं।
नौरादेही का भौगोलिक महत्व भी काफी अहम है। यह क्षेत्र नर्मदा, बेतवा और केन नदी प्रणालियों के कैचमेंट में आता है। यहां का पानी सहायक नदियों के जरिए इन तीनों प्रमुख नदी प्रणालियों तक पहुंचता है। ऐसे में यह क्षेत्र जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
नौरादेही में चीतों की बसाहट के बाद मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण के लिए तीन प्रमुख स्थल हो जाएंगे। कूनो, गांधी सागर और नौरादेही में चीतों को बसाने से राज्य में इनके संरक्षण और प्रजनन के लिए उपलब्ध क्षेत्र का विस्तार होगा।