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Major change in Congress organization in Raipur, revised list of ward presidents released
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संगठन में वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने अब पीसीसी से अनुमोदन के बाद वार्ड अध्यक्षों की संशोधित सूची जारी कर दी है। नई सूची के बाद संगठन में असंतोष की स्थिति को काफी हद तक शांत माना जा रहा है।
पहली सूची पर उठा था विवाद, पीसीसी ने किया था रद्द
पहले जारी की गई वार्ड अध्यक्षों की सूची पर गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं। आरोप था कि सूची बिना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुमति और औपचारिक अनुमोदन के जारी कर दी गई थी। इसी कारण पीसीसी ने इसे तत्काल प्रभाव से अमान्य घोषित कर दिया था।
इसके बाद संगठन के शीर्ष नेतृत्व और जिला इकाई के बीच लगातार बैठकों का दौर चला, जिसमें सहमति बनाने की कोशिश की गई।
संशोधित सूची में 8 नामों में बदलाव
नई सूची में कुल 70 वार्ड अध्यक्षों के नाम शामिल किए गए हैं, लेकिन इस बार 8 वार्डों में बदलाव किया गया है। कुछ स्थानों पर नए नाम जोड़े गए हैं, जबकि कुछ पुराने नामों को हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा कई वार्डों में कार्यकारी अध्यक्षों की भूमिका को भी पुनर्गठित किया गया है।
कई कार्यकारी अध्यक्ष हटाए गए
संशोधित सूची में संगठनात्मक संतुलन बनाने के उद्देश्य से कई वार्डों से कार्यकारी अध्यक्षों को हटाया गया है। वहीं कुछ स्थानों पर कार्यकारी पद को ही समाप्त कर अध्यक्ष स्तर पर नई नियुक्तियां की गई हैं।
पार्टी का दावा है कि यह बदलाव संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आपसी असंतोष को खत्म करने के लिए किया गया है।
वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों को मिला स्थान
सूत्रों के अनुसार नई सूची में रायपुर के कई प्रमुख क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों को प्राथमिकता दी गई है। उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नामों को अंतिम रूप दिया गया है।
जिला कांग्रेस का दावा, अब संगठन में संतुलन स्थापित
जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि संशोधित सूची पूरी तरह पीसीसी की सहमति के बाद जारी की गई है और अब किसी प्रकार का विवाद शेष नहीं है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि नई सूची के बाद संगठन विस्तार की प्रक्रिया को गति मिलेगी और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करेंगे।
संगठन विस्तार पर फिर से फोकस
वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति विवाद के कारण रुकी हुई संगठन विस्तार प्रक्रिया अब दोबारा शुरू होने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि आने वाले समय में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा, ताकि जमीनी पकड़ और अधिक प्रभावी हो सके।