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Major crackdown by security agencies on Jamaat-e-Islami... search operations conducted at 26 locations.
सोपोर। जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा अभियान चलाया है। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में सोपोर पुलिस ने एक साथ 26 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक तलाशी अभियान संगठन से जुड़े नेताओं, सदस्यों और कार्यकर्ताओं के आवासों तथा अन्य परिसरों में चलाया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों से मिली सामग्री को जांच के लिए जब्त किया गया है, ताकि संगठन की गतिविधियों और उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों ने सोपोर शहर के अलावा बोमाई, तारजू, शुतलु, रोहामा, गोरीपोरा और बहरामपोरा समेत कई गांवों में भी घरों और कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तलाशी ली। इस अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने भी पुलिस का सहयोग किया।
छापेमारी के दौरान बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे संगठन से जुड़े संपर्कों और संभावित गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की जांच का हिस्सा है। अभी तक इस अभियान के दौरान किसी नई गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जबकि जांच आगे भी जारी रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2019 में यूएपीए के तहत जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर को गैरकानूनी संगठन घोषित करते हुए उस पर प्रतिबंध लगाया था। बाद में फरवरी 2024 में इस प्रतिबंध की अवधि पांच वर्ष के लिए और बढ़ा दी गई।
हाल के आतंकी हमलों के बाद घाटी में सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान तेज कर दिया है। अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या और कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद व्यापक स्तर पर तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है।
सोपोर पुलिस ने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जांच एजेंसियां जब्त सामग्री का विश्लेषण कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।