

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Students protesting in Jharkhand reached the seventh barricade near the Legislative Assembly.
JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र आज विधानसभा का घेराव कर रहे हैं. राज्य सरकार के साथ कई दौर की वार्ता फेल होने के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया है.
रांची में रविवार को राज्य मंत्रियों की विशेष कमेटी और प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर में करीब 5 घंटे तक चली मैराथन वार्ता का अबतक कोई नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने आज, 10 अगस्त को पूर्व घोषित 'विधानसभा घेराव' पर आगे बढ़ने का फैसला लिया है.
विधानसभा मार्च के लिए आंदोलनकारी छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी बहकावे में न आने की अपील की है. छात्रों को सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास जमा होने के लिए कहा गया था, जहां से उनका एकजुट होकर नई विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण पैदल मार्च शुरू हो गया है.
विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए हैं. नया विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (झारखंड उच्च न्यायालय को छोड़कर) BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है.
इस बीच सरकार ने दावा किया है, कि- छात्रों की 98% मांगें मान ली गईं हैं। जिसमें 14वीं JPSC पीटी परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच कराना और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाना शामिल है। आपको बता दें, कि रविवार को छात्रों के साथ हुई वार्ता में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल थे।
एक ओर जहां सरकार वार्ता कर आंदोलन को समाप्त करने की कोशिश कर रही है, वहीं छात्र प्रतिनिधि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच कराने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। वार्ता के बाद JMM मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में हुई थी.
ऐसे में राज्य सरकार के पास CGL परीक्षा को रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है। इस बीच खबर ये आ रही है, कि विधानसभा की सुरक्षा में कुल 7 बैरिकेडिंग है, जिसमें से छात्र प्रदर्शनकारियों ने अब तक 6 तोड़ दिए हैं. अब सातवां और आखिरी बैरिकेड बाकी है जिसे प्रदर्शनकारी तोड़ रहे हैं, अगर ये टूटी तो वो सीधे विधानसभा पहुंच जाएंगे। झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्र सीएम हेमंत सोरेन से अपनी मांगें पूरी करने की अपील कर रहे हैं. प्रोटेस्ट में शामिल एक छात्र ने कहा कि आज सीएम सोरेन का बर्थडे है और वो अपनी मांगों के रूप में उनसे रिटर्न गिफ्ट चाहते हैं।
आपको बता दें, कि इस आंदोलन में छात्र नेता देवेन्द्र महतो भी पिछले 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठ हैं, जो इस मार्च में शामिल हो गए हैं। अनशन की वजह से वो काफी कमजोर हो गए हैं और चलने की स्थिति में नहीं हैं, ऐसे में महतो को छात्रों ने अपने कंधे पर उठा लिया और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने तिरंगा लहराकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
छात्रों के इस आंदोलन को लेकर बीजेपी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने झारखंड सरकार पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को उनके आवास में नरबंद करने को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश महामंत्री ने कहा है कि ये राज्य की डरी सहमी एक तानाशाही सरकार की दमनात्मक कार्रवाई है। पुलिसिया पहरा बिठा देने से सरकार की मंशा कामयाब होने वाली नहीं है। राज्य सरकार की इस प्रकार की गीदड़भभकी से छात्र आंदोलन रुकने वाला नहीं है। बीजेपी पुलिसिया कार्रवाई से पहले भी ना डरी है और ना कभी डरेगी।
राज्य सरकार छात्रों की मांग को पूरा करे। सरकार लाख कोशिश कर ले विधानसभा घेराव कार्यक्रम में लाखों छात्र भाग लेंगे ही। बाउरी ने आगे कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते बीजेपी राज्य के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती है। बीजेपी ने इस मामले को नैतिक समर्थन डंके की चोट पर दिया है। बीजेपी छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में हर कदम साथ है। छात्र पिछले 6 साल से ठगे जा रहे हैं।
स्वाभाविक है कि उनके अंदर आक्रोश का तूफान है और सरकार इस तूफान को जितना दबाएगी, वो उतना ही उभर कर सामने आएगा, जिसमें राज्य सरकार का भस्म होना तय है। राज्य सरकार को अपनी ऊर्जा गैर जरूरी कार्यों में खपत करने की बजाय सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए और छात्रों की जो मांग है, उसे बिना शर्त माननी चाहिए। राज्य सरकार को छात्रों के आंदोलन को दबाने या डायवर्ट करने के प्रयास से बाज आना चाहिए।