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Parliament Monsoon Session 2026: Four key bills to be introduced in the Lok Sabha today, proposals ranging from renaming the state to ‘Keralam’ to tribunal reforms.
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र-2026 का आज 20वां दिन है। लंबे समय से विपक्ष के हंगामे के कारण प्रभावित हो रही संसद की कार्यवाही के बीच सोमवार को लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। इनमें केरल का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने, ट्रिब्यूनलों में सुधार, खान एवं खनिज कानून में संशोधन और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम में बदलाव से जुड़े विधेयक शामिल हैं।
पिछले दिनों विपक्ष ने पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर सदन में जोरदार विरोध किया था। वहीं बीते करीब एक सप्ताह से राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी संसद में हंगामा जारी है। ऐसे में आज की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।
लोकसभा में आज चार प्रमुख विधेयक पेश किए जाने हैं। गृह मंत्री अमित शाह दो विधेयक सदन में पेश करेंगे, जबकि कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी एक-एक विधेयक पेश करेंगे।
लोकसभा में पेश होने वाले प्रमुख बिल:-
केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026
ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026
खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन बिल, 2026
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) बिल, 2026
गृह मंत्री अमित शाह केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इसके जरिए केरल राज्य के आधिकारिक नाम को बदलकर ‘केरलम’ किए जाने का प्रस्ताव है। विधेयक को सदन में पेश करने की अनुमति मांगी जाएगी। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक इस्तेमाल में राज्य के नाम से संबंधित बदलाव किए जाने का रास्ता साफ हो सकता है।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य विभिन्न ट्रिब्यूनलों के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति, योग्यता तथा सेवा शर्तों में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है।
विधेयक में ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ उनकी स्वतंत्रता और दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसमें ‘राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग’ (National Tribunals Commission) के गठन का भी प्रस्ताव है।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन से संबंधित विधेयक सदन में पेश करेंगे।
इस विधेयक के जरिए मौजूदा खनन एवं खनिज संबंधी कानूनी प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है। विधेयक के पेश होने के बाद इसके प्रावधानों और सरकार के उद्देश्य को लेकर सदन में चर्चा होने की संभावना है।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। यह विधेयक राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में संशोधन से जुड़ा है। सरकार की ओर से सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और उससे जुड़े संस्थागत ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी महत्वपूर्ण विधायी कामकाज होने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश करेंगी। यह विधेयक बैंकिंग रिकॉर्ड और उनसे संबंधित कानूनी साक्ष्यों के प्रावधानों से जुड़ा है।
इस बीच FCRA संशोधन बिल को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करेगी। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में भी चर्चा होने की संभावना है।
FCRA संशोधन बिल को मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह में लोकसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है। यह विधेयक विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करेगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य विदेशी चंदे से जुड़े नियमन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।