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Major fraud in Khairagarh Shikshakarmi recruitment: EOW files 1,500-page charge sheet against 38 accused.
राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ जनपद पंचायत में वर्ष 2007-08 में हुई शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने विशेष न्यायालय राजनांदगांव में करीब 1500 पन्नों का चालान पेश किया है। मामले में स्क्रीनिंग कमेटी के दो सदस्यों और 36 चयनित अभ्यर्थियों समेत कुल 38 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है।
शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के कुल 135 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी, जिसमें 123 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चयनित अभ्यर्थियों में से 89 ने अनुभव, खेलकूद, एनसीसी और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।
EOW की जांच में इन 89 अभ्यर्थियों में से 39 चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी की गई। जांच के दौरान 36 अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए गए।
जांच में सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान चार सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी ने प्राप्त आवेदनों की जांच कर अभ्यर्थियों को पात्र और अपात्र घोषित किया था। EOW के अनुसार, कमेटी के संबंधित सदस्यों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ अभ्यर्थियों से सांठगांठ की।
आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों को वास्तविक मानकर अभ्यर्थियों को अंक प्रदान किए गए और दस्तावेजों का उचित सत्यापन भी नहीं कराया गया। इसी आधार पर अपात्र अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में लाभ मिलने की बात जांच में सामने आई है।
EOW ने अपराध क्रमांक 55/2009 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) के तहत भी कार्रवाई की गई।
EOW ने तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत खैरागढ़ प्रकाश मेश्राम और तत्कालीन बीईओ खैरागढ़ टीकाराम साहू सहित 36 चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश किया है। इस तरह कुल 38 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
मामले में तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। EOW ने इन मृत आरोपियों के खिलाफ आरोप समाप्त करने के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।
EOW के अनुसार, शेष चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। इसके अलावा प्रकरण से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करीब दो दशक पुराने इस भर्ती मामले में 1500 पन्नों का चालान पेश होने के बाद अब विशेष न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और भर्ती प्रक्रिया में कथित मिलीभगत के आरोप सामने आने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।