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Chhattisgarh: Major impact on Naxalism in Kanker, two Maoists surrender with AK-47
कांकेर। कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन के लिए तय 31 मार्च की डेडलाइन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सोमवार को दो माओवादी कैडर ने AK-47 हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
दो माओवादी हथियारों सहित सरेंडर
पुलिस के अनुसार, माओवादी कैडर PPCM शंकर और PM हिडमा डोडी ने आत्मसमर्पण किया। इनके पास से AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं।
5 दिनों में 11 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
बीते 25 मार्च से 31 मार्च के बीच कांकेर जिले में कुल 11 माओवादी कैडर सरेंडर कर चुके हैं। यह आंकड़ा सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जंगलों में अब भी सक्रिय हैं 15 नक्सली
पुलिस के मुताबिक कांकेर-दंतेवाड़ा के जंगलों में अभी भी करीब 15 माओवादी सक्रिय हैं, जिनमें चंदर और रूपी जैसे प्रमुख कैडर शामिल हैं। सुरक्षा बल इनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
पुलिस का दावा और बढ़ेगा सरेंडर
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि सरेंडर करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य कैडरों से संपर्क किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में और आत्मसमर्पण की संभावना है।
IG बस्तर की अपील
सुन्दरराज पी ने हाल के सरेंडर का स्वागत करते हुए माओवादी कैडरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का अंतिम अवसर है।
पुनर्वास प्रक्रिया जारी
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रहे सरेंडर से सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में नक्सलवाद की पकड़ और कमजोर होगी।