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Major landslide in Nepal blocks half the flow of the Chameliya River; alert issued for Pithoragarh as well.
पिथौरागढ़। नेपाल में भारी बारिश के बीच बाढ़ का एक और खतरा पैदा हो गया है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगे नेपाल के दार्चुला जिले के अपि हिमाल क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर चमेलिया नदी में जा गिरा। भूस्खलन के चलते नदी का करीब आधा प्रवाह बाधित हो गया है और मौके पर झील जैसी स्थिति बनने लगी है। घटना के बाद नेपाल के साथ-साथ पिथौरागढ़ के सीमावर्ती इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है।
भारी बारिश के बीच अपि हिमाल गांव के ऊपर पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा सीधे चमेलिया नदी में जा गिरा। इससे नदी का बहाव प्रभावित हुआ है। हालांकि, नदी के आधे हिस्से से पानी लगातार निकल रहा है, जिससे फिलहाल स्थिति पूरी तरह अवरुद्ध नहीं हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
भूस्खलन के बाद चमेलिया नदी का एक बड़ा हिस्सा रुकने से वहां पानी जमा होने लगा है और झील आकार लेने लगी है। यदि मलबे के पीछे जमा पानी का दबाव बढ़ता है और अचानक रास्ता खुलता है, तो नीचे की ओर तेज बहाव का खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि नेपाल के साथ भारतीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
अपि हिमाल क्षेत्र के भट्टाड़ गांव के वार्ड अध्यक्ष भगत सिंह ठेकरे बोहरा के अनुसार, घटना के बाद एहतियातन गांव के 15 परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में संचालित तीन जलविद्युत परियोजनाओं के कर्मचारियों को भी सुरक्षित जगह जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इलाका बेहद दुर्गम होने के कारण राहत और बचाव दलों के लिए मौके तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। जानकारी के अनुसार नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब एक दिन का समय लग सकता है। प्रशासन स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी कर रहा है।
नेपाल के दार्चुला के मुख्य जिला अधिकारी (डीएम) वर्तराज पौडेल ने बताया कि भूस्खलन के कारण चमेलिया नदी का बहाव आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है, लेकिन नदी के लगभग आधे हिस्से से पानी निकल रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि नेपाल में चमेलिया नदी का बहाव भूस्खलन के कारण बाधित होने की सूचना मिलने के बाद दार्चुला और बैतड़ी प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन रुकने की सूचना है। इसके बावजूद नदी में जमा हो रहे पानी को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
चमेलिया नदी आगे जाकर भारत-नेपाल सीमा निर्धारित करने वाली काली नदी में मिलती है। ऐसे में नदी के प्रवाह में अचानक बदलाव या जमा पानी के अचानक निकलने की स्थिति में इसका असर सीमा से लगे भारतीय क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। इसी संभावित खतरे को देखते हुए पिथौरागढ़ जिले में अलर्ट घोषित किया गया है।