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Major revelation in NEET paper leak investigation: CBI conducts raids from Nanded to Latur, suspecting paper purchased for Rs 5 lakh
नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब लगातार नए राज्यों और शहरों तक पहुंचती जा रही है। सीबीआइ ने महाराष्ट्र के नांदेड़ और लातूर में बड़े स्तर पर छापेमारी कर जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी को शक है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र मोटी रकम लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया था।सीबीआइ अधिकारियों ने नांदेड़ में एक परिवार के घर पर घंटों तलाशी अभियान चलाया। जांच में सामने आया कि एक छात्रा के परीक्षा प्रदर्शन में अचानक आए बड़े बदलाव ने एजेंसी का शक और गहरा कर दिया।
5 लाख में खरीदे गए नीट पेपर का शक, छात्रा के नंबर बढ़ने से बढ़ा संदेह
सीबीआइ ने शनिवार को नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके में अश्विनी भौरा कदम के फ्लैट पर छापा मारा। अधिकारियों ने वहां करीब आठ घंटे तक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की।सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को संदेह है कि परिवार ने अपनी बेटी के लिए लीक हुआ नीट पेपर करीब 5 लाख रुपये में खरीदा था।बताया जा रहा है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रा प्रैक्टिस टेस्ट और आकलन परीक्षाओं में केवल 100 से 120 अंक ला रही थी, लेकिन वास्तविक नीट परीक्षा में उसके अंक अचानक बढ़कर लगभग 560 पहुंच गए। इसी असामान्य बदलाव ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा।
नांदेड़ में दूसरे आरोपित से जुड़े दफ्तर पर भी छापा
सीबीआइ की दूसरी टीम ने रविवार को नांदेड़ में आरोपी बताए जा रहे शुभम खैरनार से जुड़े एक कार्यालय पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क के आर्थिक और तकनीकी लिंक खंगाल रही है।अधिकारियों को शक है कि यह रैकेट कई राज्यों में फैला हुआ हो सकता है।
लातूर के चर्चित कोचिंग संस्थान पर भी CBI का एक्शन
जांच के दायरे में अब महाराष्ट्र का लातूर शहर भी आ गया है। सीबीआइ ने रविवार को रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस यानी आरसीसी के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी की।इससे पहले एजेंसी ने आरसीसी के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर से उनके निवास पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी।सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को शक है कि कुछ डॉक्टरों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए लीक प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाया गया। सीबीआइ की टीम पिछले चार दिनों से लातूर में लगातार जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, NTA को भंग करने की मांग
इधर नीट परीक्षा को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने याचिका दायर कर परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को भंग करने की मांग की है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं और पारदर्शिता पूरी तरह प्रभावित हुई है।संगठन ने मांग की है कि संसद के कानून के जरिए एक नई वैधानिक टेस्टिंग अथॉरिटी बनाई जाए, जो सीधे जवाबदेह हो और जिसके कामकाज पर स्पष्ट कानूनी निगरानी हो।
बीएचयू भी अलर्ट, छात्रों के रिकॉर्ड सुरक्षित किए गए
नीट पेपर लीक जांच तेज होने के बाद वाराणसी स्थित बीएचयू का चिकित्सा विज्ञान संस्थान भी सतर्क हो गया है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने संदिग्ध छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड सुरक्षित रख लिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सीबीआइ को सौंपा जा सके।जांच एजेंसियां अब छात्रों, कोचिंग संस्थानों, डॉक्टरों और संदिग्ध बिचौलियों के बीच संभावित कनेक्शन तलाशने में जुटी हुई हैं।