

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Anti-Naxal Operation: Major success in anti-Naxal operation in Odisha, Naxalite Sukru, carrying a reward of Rs 55 lakh, surrenders along with four associates.
कंधमाल। ओडिशा में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के मोस्ट वांटेड माओवादी नेता सुकरू उर्फ कोशा सोढ़ी ने अपने चार साथियों के साथ कंधमाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के दौरान उसने एक AK-47 राइफल भी सौंपी।
55 लाख का इनामी था सुकरू
सुकरू पर 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से कंधमाल इलाके में सक्रिय था। वह “आठवीं कंपनी” नामक माओवादी संगठन का संचालन कर रहा था। उसका सरेंडर राज्य में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस हिरासत में आरोपी
नक्सल विरोधी अभियान के एडीजी संजीव पांडा ने सरेंडर की पुष्टि करते हुए बताया कि सुकरू और उसके सभी साथी पुलिस हिरासत में हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस सरेंडर की औपचारिक घोषणा जल्द एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की जाएगी।
मलकानगिरी का रहने वाला, CPI (माओवादी) से जुड़ा
करीब 49 वर्षीय सुकरू मलकानगिरी जिले का निवासी है और प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) की राज्य समिति का सदस्य रहा है। वह करीब 13 माओवादियों के समूह का नेतृत्व करता था, जिनमें अधिकतर छत्तीसगढ़ के सदस्य शामिल थे।
सरेंडर में बना था बाधा
पुलिस के अनुसार, सुकरू संगठन में आत्मसमर्पण करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाता था। इसी साल उसने अपने ही जूनियर अन्वेश की हत्या कर दी थी, क्योंकि वह सरेंडर करना चाहता था।
ड्रोन निगरानी और दबाव का असर
सुरक्षा बलों ने कंधमाल, रायगड़ा और कालाहांडी के तीन-जंक्शन वाले जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन और ड्रोन निगरानी तेज कर दी थी। इसके अलावा परिवार की अपील और बढ़ते दबाव के चलते आखिरकार सुकरू ने आत्मसमर्पण कर दिया।