

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Major verdict on the Jhiram Ghati incident today; all of Chhattisgarh has its eyes on the NIA special court's decision.
रायपुर। बहुचर्चित झीरम घाटी कांड मामले में आज बड़ा फैसला आने की उम्मीद है। एनआईए की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले निर्णय सुनाए जाने की तारीख एक बार आगे बढ़ाई जा चुकी है। अब आज होने वाले फैसले को लेकर बस्तर से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ तक लोगों की नजरें अदालत के निर्णय पर टिकी हैं।
झीरम घाटी में हुए भीषण नक्सली हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। यह घटना छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े और चर्चित नक्सली हमलों में गिनी जाती है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय से जारी थी।
सुनवाई पूरी होने के बाद एनआईए की विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में न्यायिक निष्कर्ष क्या सामने आता है।
अदालत के फैसले से पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने झीरम घटना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और उस समय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
सिंहदेव ने कहा कि घटना के दौरान मौके पर वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी वह नहीं बता सकते, लेकिन उन्होंने अदालत के समक्ष अपनी जानकारी और अनुभव दर्ज कराए हैं।
टीएस सिंहदेव के मुताबिक, जिस स्थान पर ब्लास्ट हुआ था, वहां से उनकी गाड़ी करीब पांच मिनट पहले ही निकल गई थी। उन्होंने बताया कि अदालत के सामने उपस्थित होकर उन्होंने घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं।
उन्होंने कहा कि घटनास्थल के पास एक महिला लाल साड़ी में बैठी हुई थी और वहां एक पिकअप वाहन भी खड़ा था। इसके कुछ आगे जाने के बाद उन्होंने रुमाल बांधे हुए मोटरसाइकिल सवार लोगों को आते हुए देखा था। सिंहदेव के अनुसार, उन्होंने ये सभी जानकारियां अदालत के सामने रखी हैं।
सिंहदेव ने उस समय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जगदलपुर से सुकमा की ओर जाते समय प्रभावित क्षेत्र में उन्हें कोई सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इलाके में सुरक्षा को लेकर इनपुट उपलब्ध था, तो मौके पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी क्यों मौजूद नहीं थे।
सिंहदेव ने दावा किया कि आईबी की ओर से लिखित जानकारी दी गई थी कि इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी देखी जा रही है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से डीजीपी से लेकर एसपी तक को यह जानकारी दी गई थी कि नेताओं का काफिला इस क्षेत्र से होकर जाने वाला है। ऐसे में बड़ी संख्या में नेताओं के इस रास्ते से गुजरने की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह एक गंभीर सवाल है।