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Manoj Bajpayee to portray Mahatma Gandhi for the first time; Sudhir Mishra and Anubhav Sinha are bringing an untold story together.
मुंबई। नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी पहली बार महात्मा गांधी के किरदार में नजर आने वाले हैं। दिग्गज फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा इस महत्वाकांक्षी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जबकि अनुभव सिन्हा अपने बैनर बेनारस मीडिया वर्क्स के तहत इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म भारत की आजादी के दौर के एक कम चर्चित 21 दिनों की कहानी को पर्दे पर पेश करेगी।
यह प्रोजेक्ट लंबे समय बाद सुधीर मिश्रा की थिएट्रिकल वापसी भी है। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ सौरभ शुक्ला भी अहम भूमिका में दिखाई देंगे।
अनुभव सिन्हा ने पिछले एक दशक में ‘मुल्क’, ‘आर्टिकल 15’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों के जरिए सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को प्रभावशाली अंदाज में पेश किया है। निर्माता के तौर पर भी उन्होंने अलग-अलग तरह की कहानियों और फिल्मकारों को मंच दिया है।
वहीं, सुधीर मिश्रा हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी अलग कहानी कहने की शैली से पहचान बनाई है। ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’, ‘धारावी’ और ‘इस रात की सुबह नहीं’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी खास सिनेमाई पहचान बनाई।
सुधीर मिश्रा अपने चार दशक लंबे फिल्मी सफर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उन्हें ‘ये वो मंजिल तो नहीं’ के लिए बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ अ डायरेक्टर, ‘धारावी’ के लिए बेस्ट फीचर फिल्म इन हिंदी और ‘मैं जिंदा हूं’ के लिए बेस्ट फिल्म ऑन अदर सोशल इश्यूज का नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है।
अब वह इसी अनुभव के साथ स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े एक ऐसे अध्याय को पर्दे पर लाने जा रहे हैं, जिसे आमतौर पर इतिहास की बड़ी घटनाओं के बीच कम जगह मिली है।
फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण मनोज बाजपेयी का महात्मा गांधी के रूप में नजर आना है। अपने करियर में कई यादगार किरदार निभा चुके अभिनेता पहली बार गांधी का किरदार निभाने जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि फिल्म में गांधी के केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्व को नहीं, बल्कि उनके बेहद मानवीय और निजी पक्ष को भी दिखाया जाएगा। मनोज बाजपेयी की इंटेंसिटी और बारीक अभिनय इस किरदार को एक अलग आयाम दे सकता है।
फिल्म की कास्ट में अभिनेता सौरभ शुक्ला का नाम भी शामिल है। अपनी दमदार अदाकारी के लिए पहचाने जाने वाले सौरभ शुक्ला इस ऐतिहासिक दौर की कहानी को पर्दे पर जीवंत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निर्देशक सुधीर मिश्रा के मुताबिक फिल्म महात्मा गांधी की जिंदगी के उस दौर पर केंद्रित है, जब भारत आजादी की ओर बढ़ रहा था और दिल्ली सत्ता का केंद्र बन रही थी।
इसी दौरान गांधी ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। उन्होंने दिल्ली से दूर जाने का फैसला किया। लेकिन यह फैसला उनके लिए पीछे हटना नहीं था, बल्कि खुद को एक नए रूप में ढालने और अपने रास्ते को नए तरीके से तय करने की यात्रा थी।
फिल्म इसी फैसले के पीछे की वजह और गांधी की उस निजी यात्रा को समझने की कोशिश करेगी।
फिल्म की कहानी स्वतंत्रता आंदोलन की बड़ी घटनाओं के बजाय उस दौर के एक निजी और कम चर्चित अध्याय पर फोकस करेगी। मेकर्स का उद्देश्य इतिहास के उस हिस्से को दर्शकों के सामने लाना है, जिसे लोग शायद पहले से जानते हुए भी उसकी गहराई से अनजान हैं।
मनोज बाजपेयी, सौरभ शुक्ला, सुधीर मिश्रा और अनुभव सिन्हा जैसे नामों के साथ यह प्रोजेक्ट एक गंभीर और विचारोत्तेजक सिनेमाई अनुभव देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा कर रहे हैं। इसमें मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह बेनारस मीडिया वर्क्स प्रोडक्शन है और इसे एनएच स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।