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Minimal impact of floods in Bastar; normal life begins to return to track in several areas.
जगदलपुर। बस्तर संभाग में लगातार बारिश थमने के बाद बाढ़ की स्थिति में सुधार आने लगा है। इंद्रावती नदी का जलस्तर घटने से कई इलाकों में राहत मिली है और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हालांकि कई प्रमुख सड़कें अब भी क्षतिग्रस्त या जलमग्न हैं, जिससे महाराष्ट्र और तेलंगाना से सड़क संपर्क पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है।
कई मार्गों पर यातायात शुरू, सीमावर्ती रास्ते अब भी बंद
बीजापुर जिले में गुरुवार रात से हालात में सुधार दर्ज किया गया है। गंगालूर, भोपालपटनम और कुटरू मार्ग पर यातायात फिर शुरू हो गया है। इसके विपरीत भैरमगढ़-तारलागुड़ा मार्ग सहित कुछ अन्य रास्ते अब भी बंद हैं। महाराष्ट्र जाने वाला तिमेड़ मार्ग और तेलंगाना की ओर जाने वाली कुछ सड़कें पानी में डूबी होने के कारण आवाजाही बाधित है।
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया
भैरमगढ़ विकासखंड के अंबेली नाला में फंसे ग्रामीणों को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। राहत अभियान के दौरान प्रभावित लोगों को पेयजल और जरूरी खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। प्रशासन ने जरूरत वाले क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक अगस्त को जिले के सभी स्कूल, आश्रम-शालाएं और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।
इंद्रावती नदी का जलस्तर घटा, प्रशासन ने बरतने को कहा सतर्कता
इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार नीचे आ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों को राहत मिली है। इसके बावजूद प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने तथा सतर्क रहने की अपील की है।
तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत
इधर, सूरजपुर जिले के चपकनगर गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में नहाने गए पांच वर्षीय दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बाढ़ के बीच सामने आई साहस की मिसाल
बाढ़ के दौरान कई मानवीय पहलू भी सामने आए। बीजापुर जिले के जुल्ला गांव में एक महिला ने नवजात को जन्म दिया, जिसे राहत दल ने कठिन परिस्थितियों के बीच सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। वहीं कई जवानों और बचाव दलों ने घंटों तक पानी में रहकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया। प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने तक राहत और निगरानी का कार्य लगातार जारी रहेगा।