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Korba News: Controversy over Atal Bihari Vajpayee's statue; paint peels off in the rain; allegations of installing a cement statue instead of a bronze one.
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा नगर पालिका परिषद में बने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तेज बारिश के बाद प्रतिमा का रंग उतरने से यह आरोप सामने आया कि जिस प्रतिमा को कांस्य (ब्रॉन्ज) का बताया गया था, वह वास्तव में सीमेंट से बनाई गई है और उसे कांस्य जैसा दिखाने के लिए रंग किया गया था।
जानकारी के अनुसार, प्रतिमा स्थापना के लिए ठेकेदार को लगभग 13 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि अटल परिसर के निर्माण पर कुल 30 लाख रुपये खर्च किए गए। हैरानी की बात यह है कि प्रतिमा की स्थापना को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है और बारिश के बाद ही उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल की बारिश के बाद प्रतिमा के कई हिस्सों से रंग उखड़ने लगा। इसके बाद लोगों को संदेह हुआ कि प्रतिमा कांस्य की नहीं है। उनका तर्क है कि यदि प्रतिमा वास्तव में ब्रॉन्ज की होती तो इस तरह रंग नहीं उतरता। इसी आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने अटल परिसर का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में प्रतिमा और परिसर निर्माण कार्य में कई तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने की बात कही गई है। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद नगर पालिका के उप अभियंता चंद्र प्रकाश जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन अब निर्माण कार्य, प्रतिमा की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच कर रहा है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
बुधवार को मामला सामने आने के बाद जिला युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अटल परिसर के सामने धरना देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग कर घटिया गुणवत्ता का निर्माण कराया गया है।
राज्य सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर विकसित करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्धारित मानकों के अनुसार परिसर निर्माण और ब्रॉन्ज प्रतिमा स्थापना के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन कटघोरा में सामने आए इस मामले ने योजना के क्रियान्वयन और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद के बीच जब नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया। इससे मामले को लेकर और भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे निर्माण कार्य, प्रतिमा की गुणवत्ता और खर्च हुई सरकारी राशि की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।