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CG News: Online betting racket busted in Patna; transactions worth ₹5 crore revealed; three arrested.
दुर्ग। ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना खुर्सीपार की विशेष टीम ने बिहार की राजधानी पटना में छापेमारी कर एक संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान भिलाई के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को रिमांड में लिया गया। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।
भिलाई नगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि थाना खुर्सीपार में दर्ज अपराध क्रमांक 236/2026 की जांच के दौरान पहले कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद मोबाइल डेटा, बैंक खातों, डिजिटल ट्रेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में गिरोह का नेटवर्क पटना से संचालित होने की जानकारी मिली। विशेष टीम ने पटना के नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पटना में किराए के फ्लैट से लूडो, कैसीनो, एविएटर, फुटबॉल बेटिंग सहित विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म की आईडी बेचते थे। इन आईडी के माध्यम से देशभर के लोगों को ऑनलाइन दांव लगाने की सुविधा दी जाती थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 14 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक और ऑनलाइन सट्टा संचालन में इस्तेमाल होने वाले अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए। जांच में सामने आया कि हार-जीत की रकम यूपीआई, नेट बैंकिंग और म्यूल बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। पहचान छिपाने के लिए आरोपी लगातार बैंक खाते बदलते रहते थे।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था। वहीं, हर महीने लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये तक का वित्तीय लेन-देन किया जाता था। पुलिस अब जब्त डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग रिकॉर्ड का फॉरेंसिक परीक्षण कर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में आफताब अहमद (24) निवासी अहमदनगर कैंप-2, थाना छावनी, भिलाई तथा दानिश खान (24) निवासी कैंप-1, थाना वैशाली नगर, भिलाई को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक विधि-विरुद्ध बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(3), 318(4), 319 और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइल, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खाताधारकों और आर्थिक लाभ लेने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।