

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Monsoon gathers pace, arrives on time in Goa; rains across the country, heatwave completely gone.
नई दिल्ली। केरल में निर्धारित समय से तीन दिन देर से पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। तटीय कर्नाटक को पूरी तरह कवर करने के बाद मानसून ने गोवा में तय समय पर दस्तक दे दी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही गति बनी रही तो मानसून मुंबई में भी समय से पहले या तय समय पर पहुंच सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि मानसून केरल तट से करीब 35 किलोमीटर दूर समुद्र में लगभग 12 दिनों तक ठहरा रहा था। हालांकि प्रवेश के बाद इसकी गति अचानक बढ़ी और पहले दिन ही इसने केरल की करीब 580 किलोमीटर लंबी तटरेखा को कवर कर लिया। इसके अगले ही दिन यह कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों को पार करते हुए गोवा तक पहुंच गया।
देशभर में बारिश का असर, फिलहाल कहीं नहीं चल रही लू
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में गुजरात को छोड़कर देश के अधिकांश राज्यों में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। अगले चार से पांच दिनों तक कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। राहत की बात यह है कि फिलहाल देश के किसी भी हिस्से में लू की स्थिति नहीं बनी हुई है। लगातार बदलते मौसम और बारिश की गतिविधियों ने तापमान को नियंत्रित रखा है।
मुंबई की ओर तेजी से बढ़ रहा मानसून
शुक्रवार को मानसून की पश्चिमी शाखा का प्रभाव गोवा तक पहुंच गया, जबकि इसका मध्य भाग बेंगलुरु और पूर्वी छोर पंबन (रामेश्वरम) तक सक्रिय रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी शाखा अधिक मजबूत नजर आ रही है, जिससे महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।
आने वाले दो से तीन दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी मानसून की दस्तक की संभावना जताई गई है। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के शेष हिस्सों में भी इसका विस्तार होने की उम्मीद है।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी जल्द पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 10 दिनों के भीतर मानसून बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। हालांकि मध्य भारत में इसकी आगे की रफ्तार मौसम प्रणालियों की सक्रियता पर निर्भर करेगी।
केरल में बारिश बनी मुसीबत, सात दिन का हाई अलर्ट
एक ओर जहां मानसून किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आया है, वहीं केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोच्चि सहित कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। कई स्थानों पर संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि सप्ताहांत के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
वर्षा घाटे में तेजी से सुधार, 40 फीसदी से घटकर 14 फीसदी रह गया अंतर
मानसून की सक्रियता का असर वर्षा के आंकड़ों में भी दिखने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार 5 जून तक देशभर में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक यह कमी 40 प्रतिशत के आसपास थी। पिछले चार दिनों में हुई अच्छी बारिश के कारण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
राजस्थान में आंधी और बारिश का कहर, चार लोगों की मौत
राजस्थान में मौसम का बदला मिजाज भारी पड़ गया। भरतपुर, धौलपुर और भीलवाड़ा जिलों में तेज आंधी और बारिश के दौरान दीवार गिरने तथा उड़ते टीन की चपेट में आने से एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई। कई मकानों और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। राज्य में 7 जून तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
विशेषज्ञों की चिंता: मध्य भारत में धीमी पड़ सकती है मानसून की रफ्तार
मौसम विशेषज्ञ जीपी शर्मा के अनुसार केरल में 4 जून को मानसून का पहुंचना सामान्य माना जाएगा, लेकिन आगे की प्रगति को लेकर कुछ चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि पूर्वी और मध्य भारत में मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में मजबूत मौसम प्रणाली की आवश्यकता होती है, जिसके संकेत अभी स्पष्ट नहीं हैं।
ऐसे में मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के आंतरिक हिस्सों में मानसून की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ सकती है। जून के पहले पखवाड़े में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश की आशंका भी जताई गई है।
छत्तीसगढ़ में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, रायपुर में बादल छाए
छत्तीसगढ़ में भी मानसून के अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। मौसम विभाग ने 9 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को दोपहर बाद बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों के दौरान रायपुर समेत कई जिलों में आंशिक बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 6 और 7 जून को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है।