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Monsoon havoc in Chhattisgarh: 55-year record broken, flood-like conditions in several districts, heavy rain alert for the next 48 hours.
रायपुर। अल-नीनो के असर के चलते इस वर्ष छत्तीसगढ़ समेत देशभर में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि प्रदेश के कई जिलों में दशकों पुराने बारिश के रिकॉर्ड टूट गए। पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राजधानी रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, राजनांदगांव समेत कई जिलों को जलमग्न कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सबसे अधिक असर दुर्ग जिले में देखने को मिला, जहां पिछले 24 घंटे में 181 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह वर्ष 1970 के बाद एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है, जिसने 55 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं राजधानी रायपुर में 154.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो शहर के इतिहास की चौथी सबसे तेज बारिश मानी जा रही है। भिलाई में 115.5 मिमी, राजिम में 185.8 मिमी और राजनांदगांव में 146 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में 30 जून तक सामान्य से 67 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई झमाझम बारिश ने हालात बदल दिए हैं। एक जून से पांच जुलाई तक प्रदेश में कुल 167.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 247.7 मिमी है। यानी अब बारिश की कमी घटकर 33 प्रतिशत रह गई है।
शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार भर लगातार जारी रही। इससे रायपुर समेत कई शहरों के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया, जबकि अंडरब्रिज, सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए। लगातार बारिश के कारण जलभराव वाले इलाकों से पानी नहीं निकल सका, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर बने अवदाब के प्रभाव से प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है। अगले 48 घंटों तक मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। हालांकि आठ जुलाई से प्रदेश में वर्षा की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। राजिम में 19 सेंटीमीटर, दुर्ग में 18, छुरा में 16, रायपुर शहर में 15, राजनांदगांव और पाटन में 15-15 सेंटीमीटर वर्षा हुई। गोबरा नवापारा और माना में 14-14 सेंटीमीटर, अर्जुन्दा में 13, लाभांडी और गुंडरदेही में 12-12 तथा भिलाई में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। धमतरी, महासमुंद, अभनपुर, डोंगरगढ़, गरियाबंद, कुरूद सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा हुई।
लगातार बारिश के कारण गरियाबंद और महासमुंद की सीमा पर एक पुल निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर नदी के उफान में फंस गए। दोनों जिलों के प्रशासन ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मौसम विभाग ने रायपुर में सोमवार को भी आसमान सामान्यतः मेघाच्छादित रहने, गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को बिना आवश्यक कार्य के घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की है।
रेड अलर्ट: रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर और कोरिया सहित कई जिलों में भारी वर्षा, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
ऑरेंज अलर्ट: बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, सरगुजा, रायगढ़ सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
येलो अलर्ट: सुकमा, जशपुर, बलरामपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य और जिला प्रशासन अलर्ट पर है। जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है तथा आपदा प्रबंधन और राहत दलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।