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Nashik TCS BPO case: Allegations of religious conversion, sexual harassment and international connections stir
नासिक। Tata Consultancy Services के नासिक बीपीओ कैंपस से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले में पहली पीड़िता का बयान सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पीड़िता ने 2022 से 2026 के बीच की घटनाओं का सिलसिलेवार खुलासा करते हुए दोस्ती, नौकरी का लालच, शादी का झांसा, जबरन संबंध और निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने पहले भरोसा जीतकर नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसे निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी गई और लगातार मानसिक दबाव बनाया गया।
धर्म परिवर्तन का दबाव और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी और उसके साथियों ने उसे धर्म बदलने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बातचीत के दौरान हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणी कर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बनाया गया।
इसके साथ ही आरोपी के सहयोगियों द्वारा भी ब्लैकमेलिंग और छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आई हैं। पीड़िता ने बताया कि ऑफिस के भीतर भी उसके साथ अश्लील हरकतें की जाती थीं, जिससे वह लगातार भय और तनाव में रही।
SIT जांच में सामने आया संगठित नेटवर्क
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के अनुसार अब तक 12 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है और 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। शिकायतों में यौन उत्पीड़न, शादी का झांसा देकर संबंध बनाना और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह कोई एकल घटना नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई कर्मचारी मिलकर पीड़ितों को निशाना बना रहे थे।
मलेशिया कनेक्शन ने बढ़ाई गंभीरता
जांच के दौरान WhatsApp चैट से मलेशिया से जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति का नाम सामने आया है। आरोप है कि वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को उससे जोड़ा जाता था। इस विदेशी कनेक्शन की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब संभावित विदेशी फंडिंग, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।
मुख्य आरोपी फरार, कई गिरफ्तार
इस मामले में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, शफी शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, आसिफ अंसारी और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एचआर अधिकारी निदा खान फरार बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, निदा खान की भूमिका इस पूरे नेटवर्क में अहम मानी जा रही है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
कार्यस्थल सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक शिकायत निवारण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कंपनी के अंदर ही कुछ पदाधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया और लंबे समय तक इस तरह की गतिविधियां चलती रहीं।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।