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Naxal commander Ajay Mahto, carrying a reward of ₹25 lakh, arrested; involved in over 240 cases.
गिरिडीह। झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन को संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया है। वह प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य था और झारखंड, बिहार, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ में सक्रिय रहा है।
पुलिस के अनुसार अजय महतो पर हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूली और ग्रामीणों की हत्या समेत 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
अजय महतो वर्ष 2005 में माओवादी संगठन से जुड़ा था। समय के साथ संगठन में उसकी भूमिका बढ़ती गई और वह लेवी वसूली, हथियारों के नेटवर्क, आईईडी लगाने और बड़ी नक्सली वारदातों की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाने लगा। पुलिस का आरोप है कि उसने पुलिस मुखबिरी और लेवी नहीं देने के आरोप में कई ग्रामीणों की गला रेतकर और गोली मारकर हत्या भी कराई।
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देश पर चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत 17 जुलाई 2026 को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी डॉ. बिमल कुमार और कोबरा-209 बटालियन के कमांडेंट सौरभ भटनागर के नेतृत्व में संयुक्त अभियान चलाया गया।
सुरक्षा बलों ने ग्राम पिपराडीह (खवासटांड टोला) के घने जंगलों की घेराबंदी की। इस दौरान भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को दबोच लिया गया। गिरफ्तार नक्सली की पहचान पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ अंजन दा उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उससे पूछताछ के आधार पर संगठन के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य सक्रिय नक्सलियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।