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Notices issued to several prominent names in the SIR... late Bibek Debroy's name also appears on the voter list.
नई दिल्ली। दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर के दौरान मतदाता सूची से जुड़ी कई विसंगतियां सामने आई हैं। इनकी जांच के दायरे में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू, केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ समेत कई चर्चित लोगों के नाम भी आए हैं। निर्वाचन अधिकारियों की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।सबसे उल्लेखनीय मामला पद्म पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री बिबेक देबराय का सामने आया है। वर्ष 2024 में उनका निधन हो चुका है, इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज पाया गया। इस मामले में भी नोटिस जारी किया गया है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, एसआइआर के तहत लगभग 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है। इनमें से 31,63,930 मतदाताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं।अधिकारियों के मुताबिक, चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में सामने आई 11 प्रकार की तार्किक विसंगतियों और पिछली एसआइआर मतदाता सूची से रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने यानी नो-मैपिंग के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं।
नोटिस पाने वालों में पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी भी शामिल हैं। उनका रिकॉर्ड नो-मैपिंग की श्रेणी में रखा गया है।पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उनकी पुत्री प्रतिभा और बहू गीतिका आडवाणी को भी इसी श्रेणी में नोटिस जारी किया गया है।पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और उनकी पत्नी कल्पना दास तथा सांसद बांसुरी स्वराज के नाम भी नो-मैपिंग से संबंधित सूची में हैं।पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की पत्नी तेजस्विनी भूषण गवई को सेल्फ नेम मिसमैच के आधार पर नोटिस दिया गया है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर के नाम भी नोटिस सूची में शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सिसोदिया के मामले में पटपड़गंज या संबंधित क्षेत्र के पुराने एसआइआर रिकॉर्ड का डेटा मैप नहीं होने को कारण बताया गया है।वहीं, उनके बेटे मीर के रिकॉर्ड में माता-पिता के नाम से जुड़ा अंतर और पत्नी सीमा के मामले में उनके अपने नाम में अंतर सामने आने की बात कही गई है।दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा, राज्यसभा सदस्य अजय माकन और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा को भी नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। माकन का रिकॉर्ड अनमैप्ड और चोपड़ा के मामले में मतदाता सूची की प्रविष्टि में अंतर तथा अनमैप्ड रिकॉर्ड को आधार बनाया गया है।
वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने का अर्थ मतदाता सूची से नाम हटाना नहीं है। संबंधित मतदाताओं से तथ्यों और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।अधिकारियों के अनुसार, जरूरत के मुताबिक बूथ लेवल अधिकारी और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी संबंधित प्रमुख मतदाताओं के पास जाकर भी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।