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'One Groom, Three Brides' wedding turns out to be a sham; drama staged to boost follower count; all three sisters confessed the truth before the CWC.
अमरोहा। सोशल मीडिया पर एक ही युवक से तीन बहनों (दो सगी और एक मौसेरी) की शादी का दावा करने वाला वायरल वीडियो आखिरकार फर्जी निकला। इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो के पीछे लोकप्रियता हासिल करने और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स व व्यूज बढ़ाने की मंशा थी। मामला तूल पकड़ने के बाद बाल कल्याण समिति ने तीनों बहनों को तलब किया, जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
सोमवार को पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की मौजूदगी में तीनों बहनों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि शादी वास्तविक नहीं थी, बल्कि यह केवल एक फ्रैंक (प्रैंक) वीडियो था। उन्होंने बताया कि वीडियो का उद्देश्य इंस्टाग्राम पर सब्सक्राइबर और व्यूज बढ़ाना था।
बहनों ने समिति को बताया कि शादी वाला वीडियो रिकॉर्ड करने से पहले उन्होंने 19 सेकंड का एक अलग वीडियो भी बनाया था, जिसमें इसे फ्रैंक बताया गया था। हालांकि, उस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं किया गया। पूछताछ के दौरान यह अप्रकाशित वीडियो भी समिति को सौंप दिया गया।
आयु सत्यापन के लिए जब तीनों से शैक्षणिक दस्तावेज मांगे गए तो जांच में एक बहन नाबालिग पाई गई। इसके बाद मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया। हिंदू मैरिज एक्ट के संभावित उल्लंघन और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए समिति ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि फिलहाल तीनों के बयान दर्ज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। साथ ही उन्हें जांच पूरी होने तक जिले से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, हसनपुर निवासी बीटेक छात्रा अलका ने अपनी 12वीं पास मौसेरी बहन देविका के साथ मिलकर 'एकेराजपूत 9990' नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया हुआ है। इसी प्लेटफॉर्म पर कथित शादी का वीडियो साझा किया गया था, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी।