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Outrage against smart meters in Pandatarai: 200 smart meters ripped out and dumped at the electricity office.
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पांडातराई (कवर्धा)। कबीरधाम जिले के पांडातराई क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए सैकड़ों उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और करीब 200 स्मार्ट मीटर उखाड़कर बिजली विभाग के कार्यालय में फेंक दिए। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच कराने और बढ़े हुए बिजली बिलों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से पहले उनके घरों का मासिक बिजली बिल सामान्यतः 600 से 700 रुपये के बीच आता था। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल बढ़कर 2,500 से 3,000 रुपये तक पहुंच गया। इससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली की खपत पहले की तुलना में कई गुना अधिक दर्ज हो रही है। उनका कहना है कि न तो उन्होंने बिजली का उपयोग बढ़ाया है और न ही कोई अतिरिक्त विद्युत उपकरण लगाए हैं, फिर भी बिल लगातार बढ़ रहे हैं। इससे लोगों में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह पैदा हो गया है।
आक्रोशित उपभोक्ता बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लेकर बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने उखाड़े गए मीटर कार्यालय परिसर में जमा कर दिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पहले भी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को शिकायत, आवेदन और ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि विभाग ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मांग की कि सभी विवादित स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गलत बिजली बिलों को संशोधित किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि विभाग जांच कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करता है या नहीं।