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The thrill of CBSE East Regional Swimming Competition in Bhilai
भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तीन दिवसीय पूर्व क्षेत्रीय तैराकी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न सीबीएसई स्कूलों से आए छात्र-छात्राएं अपनी तैराकी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस प्रतियोगिता में देशभर के 201 सीबीएसई स्कूलों के 1,201 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं खिलाड़ियों के साथ 294 कोच और टीम मैनेजर भी मौजूद हैं। प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका वर्गों की कुल 8 श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं।
120 स्पर्धाओं में से 75 इवेंट पूरे
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान कुल 120 तैराकी स्पर्धाएं आयोजित की जानी हैं, जिनमें से अब तक 75 इवेंट सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और कई खिलाड़ी अपने बेहतरीन समय के साथ ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
छात्रों में खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा
आयोजकों के अनुसार इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में खेल भावना विकसित करना, शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस को बढ़ावा देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली की भावना भी विकसित की जा रही है।

प्रिंसिपल इनचार्ज ने बताई प्रतियोगिता की विशेषता
दिल्ली पब्लिक स्कूल, भिलाई के प्रिंसिपल इनचार्ज अमजद हसन जुनजानी ने बताया कि प्रतियोगिता में असम, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी पहुंचे हैं। सभी प्रतिभागी उत्कृष्ट खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और आयोजन की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर लगातार जोर देते रहे हैं। उसी सोच के अनुरूप सीबीएसई स्कूलों में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले स्कूल प्रबंधन और सभी अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया।
तैराकी से बढ़ती है सेहत और स्टैमिना
अमजद हसन जुनजानी ने कहा कि तैराकी ऐसा खेल है जो बच्चों की स्टैमिना, एंड्यूरेंस और मसल्स पावर को मजबूत करता है। इससे बच्चों का संपूर्ण शारीरिक विकास होता है और वे मानसिक रूप से भी अधिक सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और मोबाइल आधारित दौर में बच्चों का मैदान से जुड़ना बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को खेल के प्रति प्रेरणा मिलती है और वे भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक स्कूल इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और भारत को भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ी मिलेंगे।