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Political clash over tribal issues intensifies... BJP hits back at Sanjay Singh's allegations.
रायपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजनीतिक बयानबाजी का मंच बन गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार पर आदिवासी हितों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद कांग्रेस ने भी सरकार को निशाने पर लिया, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से होने के बावजूद राज्य की नीतियों और निर्णयों पर केंद्र सरकार का प्रभाव दिखाई देता है। उनका आरोप था कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों और हितों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि भविष्य में मतदान करते समय सरकार के कामकाज का गंभीरता से आकलन करें।
आप सांसद ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की सहमति के बिना प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े निर्णय लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा होना आवश्यक है तथा इन मुद्दों पर संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने संजय सिंह के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम नहीं दिख रही। उनका आरोप था कि हाल के कई विधायी फैसले प्रदेश के खनिज संसाधनों से जुड़े हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के सहयोग से प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को लाभ मिला है और महतारी वंदन योजना के जरिए बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में नियमित आर्थिक सहायता पहुंच रही है।
अपने संबोधन में संजय सिंह ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी नेताओं को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उनका दावा था कि महत्वपूर्ण पदों पर सीमित वर्गों का प्रभाव अधिक रहा है और आदिवासी समाज को समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। वहीं सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता सभी वर्गों के संतुलित विकास और कल्याण पर केंद्रित है।