

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Political earthquake in Tamil Nadu: Major split in AIADMK before the floor test of Vijay government, 30 MLAs in support of TVK
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति ने अचानक बड़ा मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार का बहुमत परीक्षण आज होना है, लेकिन उससे ठीक पहले राजनीतिक हालात पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। पूरे राज्य की नजर अब इस फ्लोर टेस्ट पर टिकी हुई है।
अन्नाद्रमुक में बड़ी बगावत, 30 विधायक अलग हुए
वोटिंग से एक दिन पहले अन्नाद्रमुक में बड़ा राजनीतिक संकट सामने आया है। पार्टी के करीब 30 विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए विजय सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। वरिष्ठ नेताओं एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम ने आरोप लगाया है कि पार्टी नेतृत्व के फैसले जनता और विधायकों की भावना के खिलाफ थे।
पलानीस्वामी गुट और बागियों में टकराव
अन्नाद्रमुक के मुख्य गुट ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पूर्व मंत्री ओएस मणियन ने दावा किया कि सभी विधायक पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े हैं और किसी तरह की टूट नहीं है। पार्टी ने फ्लोर टेस्ट में सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है।
डीएमके और विपक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
डीएमके ने भी अन्नाद्रमुक के बागी गुट के आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे विपक्ष में बैठने की स्थिति में हैं और सत्ता परिवर्तन की कोई भूमिका नहीं है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
उदयनिधि स्टालिन के बयान से बढ़ा विवाद
विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर बयान दिया, जिसमें उन्होंने इसे विभाजनकारी बताते हुए खत्म करने की बात कही। उनके बयान पर पहले भी विवाद हो चुका है और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके पुराने बयानों पर सख्त टिप्पणी की थी।
विजय सरकार के फैसलों से भी चर्चा तेज
फ्लोर टेस्ट से पहले सरकार ने 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है, जो मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंड के पास स्थित थीं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विजय द्वारा एक ज्योतिषी को विशेष कार्याधिकारी नियुक्त करने पर भी राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
राज्य की राजनीति में अनिश्चितता
फ्लोर टेस्ट से पहले अन्नाद्रमुक में टूट और बदलते राजनीतिक समीकरणों ने तमिलनाडु की सियासत को बेहद दिलचस्प और अनिश्चित बना दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि बहुमत परीक्षण में विजय सरकार किस तरह अपनी स्थिति साबित करती है।