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Political row over NEET paper leak intensifies; opposition protest reaches PM's residence; several leaders, including Rahul and Priyanka, detained.
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति में टकराव और तेज हो गया है। संसद के मानसून सत्र के बीच विपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें देर रात रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना बढ़ गई है।
पीएम आवास के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत कर धरना समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शाम को कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। देर रात सभी को रिहा कर दिया गया।
हिरासत से रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद में NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई हो और छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सरकार जवाब दे।
विपक्षी प्रदर्शन की योजना बेहद गोपनीय रखी गई थी। कांग्रेस नेताओं ने पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्मदिन के बहाने उनके आवास पर जुटान किया। इसके बाद सभी नेता अचानक प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े और धरने पर बैठ गए। इस रणनीति से सुरक्षा एजेंसियां भी कुछ समय तक स्थिति का अनुमान नहीं लगा सकीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि सरकार NEET पेपर लीक सहित छात्रों से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में चर्चा के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रहा है।वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों की बैठक में पेपर लीक को 'घोर पाप' बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दिलाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में भी सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई निर्धारित करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार जारी है। इसके अलावा मुंबई, वडोदरा, चेन्नई, पटना, जयपुर, चंडीगढ़ और रांची सहित कई शहरों में कांग्रेस और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कई छात्र अब आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन गए हैं। जानकारी के अनुसार एक छात्रा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है, जबकि अन्य कई प्रदर्शनकारियों का इलाज जारी है। आंदोलन से जुड़े संगठन पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।