

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

India lodges strong protest over the deaths of four Indian sailors in Ukraine; summons Russian diplomat and reiterates stern warning.
नई दिल्ली। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने रूस के कार्यवाहक राजदूत व्लादिमीर लादानोव को तलब कर घटना पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होने देने की स्पष्ट चेतावनी दी।
भारत ने अपने विरोध में कहा कि किसी भी व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में डालना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षित आवाजाही में बाधा पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
हमले का शिकार हुआ एमवी गोल्डन लियो नाम का व्यापारी जहाज गिनी-बिसाऊ के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। इस हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई। मृतकों में केरल के 26 वर्षीय अखिल जोयन और उत्तर प्रदेश के 22 वर्षीय अभिषेक निषाद भी शामिल हैं।
अखिल जोयन के परिवार ने बताया कि पहले कंपनी ने उनके बेटे के लापता होने की सूचना दी और बाद में उसकी मौत की पुष्टि की। परिवार का कहना है कि अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि उनका शव भारत कब लाया जाएगा। अखिल की शादी अगले वर्ष अप्रैल में होने वाली थी और परिवार तैयारियों में जुटा था।
अभिषेक निषाद के पिता के मुताबिक, हमले से कुछ देर पहले बेटे ने अपनी मां से फोन पर बातचीत की थी। उसने बताया था कि एयर रेड सायरन बज रहा है और वह सुरक्षित स्थान यानी बंकर की ओर जा रहा है। उसने बाद में दोबारा बात करने का वादा किया था, लेकिन उसके बाद परिवार से उसका संपर्क नहीं हो सका।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के दो मुख्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी शहर के एक होटल में सेमिनार आयोजित कर लोगों को निवेश के बदले एक साल में दस गुना तक रिटर्न मिलने का लालच देते थे। इसी बहाने लोगों से नकद रकम वसूली जाती थी।
कार्रवाई में पुलिस ने कांता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैंकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, प्रोजेक्टर, स्पीकर, डायरी और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।पुलिस के अनुसार गिरोह के मुख्य संचालक बिलासपुर निवासी त्रिभुवन साहू और रमाशंकर साहू फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब दरिमा क्षेत्र निवासी विद्याचरण राव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि होटल में आयोजित सेमिनार के दौरान उनसे 10 हजार रुपये निवेश कराए गए और दावा किया गया कि 'बीगेट वायलेट' एप के माध्यम से एक वर्ष में यह राशि बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाएगी।शिकायत के आधार पर पुलिस ने छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार किया और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।